अपने तल्ख अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जिला परिवदेना समिति की मीटिंग में अधिकारियों- कर्मचारियों ने अपना काम ईमानदारी से करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि उनकी आंखों में एक्स-रे लगे हैं। अगर किसी ने कुछ गड़बड़ की तो मैं सब देख लेता हूं। वहीं समस्याओं को निपटाने में देरी के लिए उन्होंने कहा कि लोग यहां न्याय के लिए यहां आते हैं और उनसे चक्कर लगवाया जाता है। यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मीटिंग में संडील गांव के लोगों ने उनके घराें में बिजली कनेक्शन नहीं होने की शिकायत दी। इस पर बिजली निगम के एक्सईएन ने मंत्री को बताया कि यहां कुछ लोग लाइन नहीं डालने दे रहे हैं और उनके द्वारा लगाए गए बिजली के खंभे भी तोड़ दिए गए हैं। ऐसे में मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दीन-हीन है कि चार आदमी खड़े हो जाएंगे तो हम काम रोक देंगे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि यदि पुलिस से काम नहीं चलता तो मिलिट्री बुलाओ। सारी ताकत लगा दो, लेकिन बिजली चलाओ। इस परिवेदना समिति की बैठक में सफीदों के विधायक जसबीर देशवाल, उचाना कलां की विधायक प्रेमलता, विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री बोले, जानकारी नहीं लाते, यहां तमाशा हो रहा है क्या
जिला परिवेदना समिति की मीटिंग के एजेंडे पर सुनवाई के दौरान जवाब देने के लिए पहुंचे डीएसपी कप्तान सिंह द्वारा केस से संबंधित तथ्य के बारे में जानकारी उपलब्ध न करा पाने पर मंत्री जी भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप जानकारी लेकर क्यों नहीं आएं, यहां तमाशा हो रहा है क्या? विज ने कहा कि शिकायत का यह अंतिम पायदान है और अधिकारी यहां भी लोगों को गुमराह करते हैं। सभी एजेंडों पर सुनवाई के बाद फिर से मांगी गई जानकारी पूछी, लेकिन पुलिस अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
जिला परिषद की चेयरपर्सन ने सुनाई पीड़ा
मीटिंग के दौरान जब आम लोग अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे, तभी जिला परिषद की चेयरपर्सन पद्म सिंगला ने भी अपनी पीड़ा बताई। चेयरपर्सन ने कहा कि सर मुझे चेयरपर्सन तो बना दिया गया है, लेकिन अधिकारी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। उन्हें मंच पर बैठने की जगह तक नहीं दी जाती। ऐसा पहले भी हुआ है। इस पर मंत्री अनिल विज ने उन्हें मंच पर बैठाया।
डिपो होल्डर की मदद करने के आरोप में दो अधिकारी निलंबित
मीटिंग के दौरान सफीदों के लोगों ने आरोप लगाया कि वार्ड छह व सात का डिपो धारक उन्हें राशन नहीं दे रहा है। यह मामला पिछली मीटिंग में भी आया था और मंत्री ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। इस पर लोगों ने कहा कि जब अधिकारी जांच करने गए, उनके साथ डिपो होल्डर भी था। इस पर मंत्री ने कहा कि जो भी अधिकारी जांच के लिए गए थे, उनको निलंबित किया जाता है। साथ ही उनके खिलाफ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप में केस भी दर्ज करवाया जाए।
होगी विजिलेंस जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने बधाना गांव निवासी सतीश की शिकायत पर विजिलेंस से जांच करवाने के निर्देश दिए। उनकी शिकायत थी कि सहकारी समिति उसे पात्र होने के बाद भी लोन उपलब्ध नहीं करवा रही हैं और मुझसे रिश्वत भी मांगी गई है।