जींद। जिले में वर्ष 2025 में हुए सड़क हादसों में अब तक 159 लोगों ने जान गंवाई। सुखद है कि पिछले साल की अपेक्षा यह आंकड़ा थोड़ा कम है। इसकी थोड़ी वजह पुलिस की सर्तकता है तो थोड़ी आम लोगों में आई जागरूकता। पुलिस ने यातायात नियमों की अनदेखी करने पर चालान भी खूब किए हैं।
पिछले साल वर्ष 2024 में 200 लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2025 के करीब 11 महीनों में 159 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, पहले के मुकाबले स्थिति सुधरी है। आंकड़े न सिर्फ मौत के घटे हैं बल्कि घायलों की स्थिति में भी बड़े पैमाने पर कमी आई है।
विज्ञापन
वर्ष 2024 में जिले में कुल 307 लोग घायल हो गए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 260 रह गई है। वर्ष 2024 के मुकाबले हादसों में एफआईआर की संख्या भी 339 से घटकर 2025 में 289 रह गई है।
पुलिस ने यातायात नियमों का पालन न करने वालों को कड़ा सबक भी आर्थिक दंड के रूप में दिया। पिछले वर्ष कुल 1.51 करोड़ रुपये पुलिस ने जुर्माने से वसूले थे। वर्ष 2025 में 1.14 करोड़ रुपये के चालान काटे जा चुके हैं।
पुलिस का लक्ष्य सिर्फ चालान करना नहीं बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित घर पहुंचाना है। सड़क सुरक्षा हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षक कवच है। इन्हें आदत बनाएं, मजबूरी नहीं। -कुलदीप सिंह, एसपी, जींद