- विश्वविद्यालय केवल डिग्री का केंद्र नहीं, सांस्कृतिक चेतना का मंच भी : कुलपति प्रो. राम पाल सैनी
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को लोक गीतों और पारंपरिक कोरड़ा मार होली से विश्वविद्यालय परिसर महक उठा। यह आयोजन हरियाणा कला परिषद तथा प्रतिष्ठा कला मंच एवं सांस्कृतिक कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत करना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रमुख मंच होता है।
जब छात्र-छात्राएं फाग, रागिनी और लोकगीतों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति करते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक जुड़ाव की भावना मजबूत होती है। होली का यह पावन पर्व हमें विविधता में एकता का संदेश देता है और हमें सिखाता है कि समाज में समरसता बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी स्पीकर के प्रतिनिधि राजन चिल्लाना उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि होली का पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में रंग तभी आते हैं जब हम मन से एक-दूसरे को अपनाते हैं। यह त्योहार आपसी भेदभाव, मनमुटाव और नकारात्मकता को समाप्त कर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है।
भाजपा नेता जवाहर सैनी ने कहा कि रंगों का यह उत्सव समाज में सकारात्मकता और भाईचारे का संदेश देता है। हमें अपनी लोक परंपराओं को गर्व के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। सीएम टू ओएसडी गजेंद्र फोगाट ने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में लोकसंस्कृति रची-बसी है।
02जेएनडी28:सीआरएसयू में मौजूद कुलपति प्रो. रामपाल सैनी और अन्य। स्रोत विवि