संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। संयुक्त किसान मोर्चा ने मार्केट कमेटी में मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शनिवार को मंडी सचिव पूजा देवी को ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी फसल का पंजीकरण उनके नाम न होकर आढ़तियों के नाम से पंजीकृत है। अब उनको धान की फसल बेचने में परेशानी हो रही है। उनके नाम न तो गेट पास कट रहे और न ही फसल बिक रही है। किसानों ने इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
किसान नेता होशियार सिंह, सुनील बद्दोवाल, बलिंद्र, रिछपाल हमीरगढ़ व सुरेश ने धान उठान तेज न होने व मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोलने बारे में लिखित रूप में अवगत कराया। किसान मोर्चा के पदाधिकारी सुनील बदोवाल व होशियार सिंह ने बताया कि कुछ आढ़तियों की ओर से किसानों के नाम से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर गलत पंजीकरण करवाया हुआ है जिससे किसानों को उनकी फसल बेचने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 2500 एकड़ जमीन का घोटाला आढ़तियों की ओर से किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई के लिए अभी से डीएपी पर कालाबाजारी शुरू होने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डीएपी को 100 से 150 रुपये प्रति कट्टे के साथ ज्यादा लिए जा रहे हैं। यही नहीं बल्कि किसानों को साथ में गेहूं का बीज लेने के लिए भी बाध्य किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अगर शीघ्र इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अगर किसानों की फसल के गेटपास उनके नाम से नहीं कटे तो मंडी को ताला लगाकर खरीद नहीं होने देंगे।
वर्जन
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने फसल पंजीकरण में गड़बड़ी का आरोप लगाकर शिकायत दी है। इसकी जांच करवाई जाएगी और मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा किसानों ने मंडी से उठान तेज कराने की मांग की थी। इसके लिए भी कार्य चल रहा है। रविवार को मंडी में धान खरीद बंद कर उठान का कार्य होगा।-पूजा देवी, मार्केट कमेटी सचिव नरवाना।
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मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोलने का कार्य उच्च अधिकारियों के स्तर की है। जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे किसानों को बताया जाएगा। महंगे दर डीएपी बेचने वाले दुकानदारों की शिकायत किसान लिखित रूप से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मेें कर सकते हैं। इसके बाद दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- डॉ बलजीत लाठर एसडीओ कृषि व किसान कल्याण विभाग ।