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विरोध का अनोखा तरीका ः अन्ना टीम मुर्गा बनकर उठाई सफीदों रोड की हालत की आवाज

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दालमवाला अस्पताल से पशुराम चौक व जाईट कॉलेज तक बने सफीदों रोड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अन्ना टीम ने अब विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। अन्ना टीम के सदस्यों ने बुधवार को तांगा चौक पर मुर्गा बनकर सरकार व प्रशासन का ध्यान इस सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया है। अन्ना टीम के सदस्यों का कहना है कि जींद जिला पोल्ट्री व्यवसाय से मशहूर है और यहां के जनप्रतिनिधि व अधिकारी लोगों को मुर्गा ही समझते हैं। लोगों के साथ मुर्गे जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
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अन्ना टीम के सदस्यों के अनुसार उन्होंने मुर्गा बनकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आग्रह किया कि जींद वासियों के साथ न्याय करें। इन लोगों ने कहा कि शहर की तमाम प्रमुख सड़कें टूटी हुई हैं। जींद शहर में बेसहारा पशुओं व बंदरों की भरमार है। अस्पताल में चिकित्सक नही हैं। अन्ना टीम के लोगों ने कहा कि सरकार जींद के विकास के लिए जो पैसा भेजती है, उसका अधिकारी दुरुपयोग कर रहे हैं। सफीदों रोड इसका बड़ा उदाहरण है। यह सड़क मुख्यमंत्री की घोषणा पर साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है। इसके बनने के बाद यहां हालत पहले से भी बदतर हो गई है। इंटरलॉक टाइल से बनाई गई यह सड़क बिल्कुल चलने लायक नहीं बची है। सड़क के बीचोंबीच रखे दीवार रूपी डिवाडर्स ने सड़क को गली बना दिया है। इस रोड में अनगिनत कट बना दिए गए हैं, जिससे हादसों का डर बना हुआ है। इस अवसर पर अन्ना टीम के सदस्य प्रवीण भारतीय, महाबीर हिंदू, सुशील प्रजापति, खिलाड़ी राम, अमित भारतीय, धर्मपाल मित्तल, विजय कुमार, अमर अरोरा, अमित प्रजापति, सुरेंद्र, प्रवेश सिंगल, इंद्रजीत, सोनू व बनारसी दास उपस्थित रहे
बीच से नीची हो गई है सड़क
सुनील वशिष्ठ के अनुसार सड़क को दोबारा बनाने के बजाय बीच में डिवाइडर रख दिए हैं। इसके बाद साइड से सड़क को चौड़ा कर दिया है। इससे दोनों ओर जहां टाइल्स का जोड़ बना, वहां सड़क नीची पड़ गई है। ऐसे में सरकार के साढ़े पांच करोड़ रुपये पानी में गए हैं।
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सीएम विंडो पर भी खानापूर्ति
अन्ना टीम के सदस्य सुनील वशिष्ठ ने बताया कि इसके लिए सीएम विंडो पर भी शिकायत की थी, लेकिन उसे भी महज खानापूर्ति कर खुर्द बुर्द कर दिया गया है। इससे पहले भी रोहतक रोड को डबल करने का विश्वश दिलाया था, लेकिन इस मामले को गोलमोल कर दिया। अन्ना टीम मुख्यमंत्री के जींद आगमन पर उनसे मिलकर सारी बातों से अवगत करवाएगी। परशुराम चौक पर मुख्यमंत्री को इंजीनियरिंग के अजूबे रूपी इस सड़क को दिखाया जाएगा।
इस मामले की शिकायत सीएम विंडो से आई थी। शिकायतकर्ता ने सड़क के लेवल से लेकर डिवाइडर्स तक पर सवाल उठाए हैं। इस पर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने बताया है कि शहर में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन दबाने का काम चल रहा है। ऐसे में सड़क को अभी नहीं बनाया जा सकता। साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होना तकनीकी विषय है। इस पर मैं क्या कह सकता हूं। मैंने शिकायत पर असंतुष्ट होने का स्टेटस लिख दिया है।
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सुभाष शर्मा, सीएम विंडो प्रभारी, जींद।
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