संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के क्रियान्वयन के तीन वर्ष पूरा होने पर मत्स्य पालन विभाग की ओर से इंदौर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत अनुमोदित विभिन्न किसान परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसमें दो इकाइयां जींद की शामिल हैं।
तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20050 करोड़ की पंच वर्षीय यह योजना शुरू की थी। जिला मत्स्य अधिकारी दिलवाग सिंह ने बताया कि उद्घाटन के इस क्रम में जिले की दो इकाइयां जो कि पीएमएसवाई के तहत लगाई गई हैं जिनका उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने किया। एक इकाई रिर्सक्यूलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम शामली खुर्द में स्थापित की गई है जिसे सुमनदीप कौर पत्नी रूपिंदर सिंह ने लगायाहै। यह इकाई 50 लाख रुपये से स्थापित की गई है जिस पर कुल लागत के 25 प्रतिशत की दर से कुल 12.50 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सुमनजीत के अनुसार इस इकाई में पानी को पहले तो एक पुल में रख कर इसे रासायनिक तौर पे झींगा पालन के अनुकूल किया जाता है। साथ ही गांव गतौली में रितू की ओर से वायोफलाक यूनिट का अनावरण किया गया। इस यूनिट पर भी 50 लाख रुपये की लागत आई है। इसपर विभाग कुल लागत का 60 प्रतिशत अनुदान स्वरूप देगा। इन दोनों इकाइयों में मत्स्य किसान बेहद कम स्थान पर थोड़े पानी में अधिक मछली पालन कर पाएंगे और एक बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर जीएस चीमा, मालक सिंह चीमा, रूपिंदर सिंह, डॉ. विपुल पटेल, अमित, मंजू व अंकिता कुमारी मौजूद थीं।