जींद। प्रदेशभर के बेरोजगार युवाओं की बैठक शुक्रवार को जाट धर्मशाला में हुई। इसकी अध्यक्षता दिनेश ढांडा ने की। युवाओं ने कहा कि जिस सरकार ने हमें घर बैठाया है, उस सरकार के राजा को हम घर बैठाने का काम करेंगे, क्योंकि आज देश में युवाओं की 65 प्रतिशत आबादी है। हर युवा को रोजगार के मुद्दे पर एकजुट करेंगे और चुनाव को जीतने का काम करेंगे।
ढांडा ने कहा कि हरियाणा में प्रत्येक लोकसभा समेत मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने करनाल विधानसभा का उपचुनाव लड़ने का फैसला लिया गया है। जो भी बेरोजगार युवा चुनाव लड़ना चाहता है, उसे अपना नाम देने के के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर रोहतक से अमर दांगी, जींद से सुमित लाठर, अक्षय नरवाल, नरेंद्र बूरा, प्रियंका खरकरामजी, सोनीपत से राजेश, जसबीर ढांडा, भिवानी से रविंद्र फौजी, दादरी से कुशल, करनाल से दीपक, कैथल से सौरभ, यमुनानगर से अमित मौजूद रहे।
युवाओं ने कहा कि यदि युवा छोटे उद्योग की सोचे तो सरकार के पास उचित बजट नहीं है। पूरे देश में ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में सिर्फ चार प्रतिशत रोजगार है। वर्तमान सरकार के पास न सरकारी नौकरी है और न ही प्राइवेट सेक्टर में उचित रोजगार और न ही बिजनेस करने के लिए प्रोत्साहन है। खेती करने के लिए जमीन नहीं रही और खेती करे तो फसल का उचित दाम नहीं। इस वर्तमान स्थिति में देश और प्रदेश का युवा करे तो क्या करे।
प्रदेश मं दो लाख से अधिक सरकारी पद खाली
युवाओं का कहना था कि भारत में आज बेरोजगारी चर्म पर है। केंद्र की सरकार में नौ लाख सरकारी पद खाली हैं। वहीं देश में बेरोजगारी में पहले नंबर पर हरियाणा है और दो लाख से अधिक सरकारी पद प्रदेश में खाली हैं। 2014 से प्रदेश में ग्राम सचिव, पटवारी की भर्ती लंबित है। प्रदेश सरकार 2021 में सीईटी की नीति लेकर आई, लेकिन उसके बाद युवाओं की सुविधा के बजाय समस्या अधिक बढ़ा दी। जब से यह बदलाव हुआ, तब से एक भी भर्ती पूरी नहीं हुई। सभी भर्ती कोर्ट में अटकी हुई हैं। प्रदेश सरकार ठीक से कोर्ट में पैरवी नहीं कर रही है, जिसकी नाराजगी 23 अप्रैल की सुनवाई के बाद अधिक बढ़ गई है। अगस्त 2023 से लगभग 15 सुनवाई कोर्ट में हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। टीजीटी 7471 भर्ती के अभ्यर्थी भी अपनी जॉइनिंग को लेकर प्रदेश में पैदल यात्रा कर रहे हैं। इस सरकार ने युवाओं को विदेश जाने के लिए मजबूर कर रखा है।