राजकीय महाविद्यालयों में यूजी (अंडर ग्रेजुएट) के प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए विद्यार्थियों में भारी उत्साह रहा, लेकिन इंटरनेट की स्पीड धीमा होने से आवेदन करने में परेशानी हुई। पिछले साल की तरह इस बार भी दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क लगाए गए हैं और विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवेदन करने की सुविधा दी जा रही है। आवेदन प्रक्रिया पांच जून से शुरू हो चुकी है, लेकिन पांच जून को रविवार होने की वजह से महाविद्यालय बंद थे। सोमवार को सुबह राजकीय महाविद्यालयों में काफी संख्या में विद्यार्थी आवेदन करने के लिए पहुंचे, लेकिन इंटरनेट की स्पीड धीमी होने की वजह से आवेदन के लिए फार्म अपलोड करने में परेशानी हुई।
वहीं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पुस्तकालय में इंटरनेट की तेज स्पीड के लिए निजी ऑपरेटर से कनेक्शन लिया गया था, लेकिन सुबह के समय केबल कटने की वजह से निजी ऑपरेटर की इंटरनेट ठप हो गई और दोपहर को ही सुचारु रूप से चल सकी। वहीं महाविद्यालय के कंप्यूटर और साइंस रूम में ब्रॉड बैंड का कनेक्शन पर इंटरनेट की स्पीड धीमी रही। राजकीय महिला महाविद्यालय में भी इसी तरह की स्थिति रही।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आवेदन की स्थिति
बीए प्रथम- 69
बीकॉम- 71
बीएससी नॉन मेडिकल- 45
बीएससी मेडिकल- 90
बायोटेक- 01
बीएससी कंप्यूटर साइंस- 05
बीए अंग्रेजी ऑनर्स- 06
बीए ज्यिोग्रफी ऑनर्स- 04
कुल 291
इनसो और एबीवीपी ने लगाया हेल्प डेस्क
राजकीय महाविद्यालय आने वाले विद्यार्थियों के लिए इनसो और एबीवीपी ने हेल्प डेस्क लगाए। इसमें महाविद्यालय में आवेदन के लिए आने वाले विद्यार्थियों को आवेदन संबंधित जानकारी दी जा रही है।
महाविद्यालय प्रशासन करे वैकल्पिक व्यवस्था
पहले ही दिन विद्यार्थियों को आवेदन में सुस्त इंटरनेट सेवा की वजह से परेशानी हुई। महाविद्यालय प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या नहीं आए। ज्यादातर विद्यार्थी आवेदन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जिन्हें इंटरनेट संबंधी ज्यादा जानकारी नहीं है।
मंजीत ईगराह, ग्रामीण क्षेत्र जिला प्रधान
एबीवीपी।
विशेष तौर पर निजी कंपनी का इंटरनेट कनेक्शन भी लगवाया है
पहले दिन महाविद्यालय में करीब 300 विद्यार्थियों ने आवेदन किए। विद्यार्थियों की सहायता के लिए महाविद्यालय में हेल्प डेस्क लगाए गए हैं। पुस्तकालय, कंप्यूटर रूम और साइंस रूम में ऑन लाइन आवेदन के लिए कंप्यूटर रखे गए हैं। इंटरनेट से संबंधित समस्या तकनीकी है। महाविद्यालय ने विशेष तौर पर एक निजी कंपनी का इंटरनेट कनेक्शन भी लिया है।
आरके हुड्डा, प्राचार्य
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जींद।
स्पीड धीमी होने से परेशानी तो हो रही है
इंटरनेट की स्पीड धीमी होने से आवेदन करने में परेशानी तो हो रही है। यह तकनीकी समस्या है। छात्राएं आवेदन के लिए अंतिम तिथि इंतजार नहीं करें और महाविद्यालय में आकर नि:शुल्क आवेदन करें। आवेदन के लिए महाविद्यालय में हेल्प डेस्क लगाए गए हैं। छात्राएं पूरी जानकारी के साथ ही आवेदन करें। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए महाविद्यालय प्रशासन से संपर्क करें।
राजेश्वरी, प्राचार्या
राजकीय महिला महाविद्यालय
जींद।