आरटीआई के तहत सूचना नहीं देने पर सूचना आयोग ने दो वर्ष पूर्व जुलाना के तहसीलदार पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया था लेकिन तहसीलदार ने अब तक यह पैसे जमा नहीं करवाए। अब सूचना आयोग ने 16 दिसंबर तक रुपये जमा करवाने को कहा है। यदि रुपये जमा नहीं करवाए तो सूचना आयोग तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
वर्ष 2014 में कपास की खराब फसल का सरकार ने मुआवजा बांटा था। गांव खरेंटी निवासी सूरजमल ने बांटे गए मुआवजे के बारे में सूचना मांगी थी। यह सूचना जुलाना के तहसीलदार ने उपलब्ध नहीं करवाई। मार्च 2017 को सूचना आयोग ने जुलाना के तहसीलदार को सूचना नहीं देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। तहसीलदार ने यह जुर्माना नहीं भरा। इसके बाद सूरजमल ने फिर से सूचना आयोग को स्मरण पत्र लिखे। अब राज्य सूचना आयोग ने डीसी को पत्र लिखकर 16 दिसंबर तक तहसीलदार से 25 हजार रुपये जुर्माना जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। यदि अब भी तहसीलदार ने जुर्माना नहीं जमा करवाया तो आयोग कार्रवाई करेगा।