कृषि में प्रयोग होने वाले उपकरणों को चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्यों ने जींद, असंध और करनाल से लाखों रुपये की कीमत के उपकरण चोरी किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से आरोपियों को पांच दिन पुलिस रिमांड पर भेज दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आठ ट्रैक्टर, 16 ट्राली, सात रोटावेटर, चार गाड़ी, 17 मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान बरामद किया है। एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि सीआईए इंचार्ज सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि दो युवक चोरी किए ट्रैक्टर बेचने की फिराक में हैं। जिस पर टीम ने दोनों युवकों को काबू कर चोरी का ट्रैक्टर भी उनके कब्जे से बरामद कर लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों की पहचान गांव बनियाखेड़ा निवासी हरीश और गांव तेलीखेड़ा निवासी चंद्रशेखर के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि चंद्रशेखर बीएएमएस और हरीश लैब टेक्नीशियन हैं। दोनों बालाजी अस्पताल पिल्लूखेड़ा में काम करते हैं। दिन में वे दोनों अस्पताल में कार्य करते थे और रात को रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। लगभग छह माह से सक्रिय थे।
50 से अधिक वारदातों को दिया अंजाम
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने 50 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। दोनों ने जींद, राजौद, असंध से चोरी किए गए आठ ट्रैक्टर, 16 डंफर, सात रोटावेटर, चार गाड़ियां, 17 मोटरसाइकिल चोरी किए थे। इसके साथ ही तीन नवंबर 2016 को किसान को बंधक बना उसकी धान से भरी ट्राली लूटी थी। दोनों चोरी किए वाहनों पर पेंट करवा सस्ते दामों पर बेच देते थे। दोनों ने कुछ वाहन बेच भी दिए हैं। इसके अलावा दोनों ने गांव हाट से धान से भरी हुई दो ट्राली व गांव पोपड़ा, असंध के खेतों से धान से भरी दो ट्राली चोरी की थी। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी हुए किसानों के वाहनों सहित अन्य वाहनों को गिरफ्तार किया है।