जींद। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा के दूसरे ही दिन प्रशासन के सामने अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। दो विद्यार्थियों ने परीक्षा देने के लिए एक ही प्रवेश पत्र प्रस्तुत किया तो अधिकारी हैरान रह गए। इसी बीच स्कूल संचालक ने एक विद्यार्थी का प्रवेश पत्र फाड़ दिया। इस पर हंगामा हो गया और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत करवाया। बाद में शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों ने दोनों ही उम्मीदवारों की परीक्षा दिलवाई।
बुधवार को सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी। परीक्षा में धनखड़ी निवासी रोहित व भिवानी निवासी रोहित एक ही रोल नंबर लेकर पहुंच गए। मामले की सूचना पाकर डीईओ फ्लाइंग मौके पर पहुंचे तो पाया कि स्कूल संचालक की गलती के कारण धनखड़ी निवासी रोहित का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज शिक्षा बोर्ड में नहीं पहुंच पाए। इसके चलते धनखड़ी गांव निवासी रोहित का आधार कार्ड नंबर व फोटो का मिलान नहीं हो पा रहा था। हालांकि मामला गर्माता देख कर दोनों ही विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए अनुमति दे दी गई। रोहित को शिक्षा बोर्ड में जाकर अपना आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज अपडेट करवाने के लिए कहा गया। वहीं यह मामला गर्माना शुरू हो गया था। इसके बाद अधिकारी भी हरकत में आए। इसके बाद जब परीक्षा शुरू हुई तो परीक्षा केंद्र पर रोल नंबर फाड़ने को लेकर हंगामा हो गया। भिवानी रोड निवासी रोहित के परिजन ने संचालक राज सिंह के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दी। परिजनों का कहना है कि उनको परीक्षा देने से रोकने का प्रयास किया गया है।
यूं उलझा है मामला
धनखड़ी गांव निवासी रोहित गांव के ही निजी स्कूल में पढ़ता है। वहीं भिवानी रोड निवासी रोहित बीबीपुर गांव स्थित निजी स्कूल में पढ़ता है। दोनों स्कूलों के पास दसवीं की मान्यता नहीं है। दोनों ही स्कूलों अपने विद्यार्थियों को रेलवे जंक्शन के पास स्थित एक निजी स्कूल के माध्यम से शिक्षा बोर्ड में पंजीकृत करवाया। दोनों ही विद्यार्थियों के खुद के नाम के साथ माता-पिता के नाम भी एक जैसे हैं। ऐसे में धनखेड़ी गांव निवासी रोहित के दस्तावेज शिक्षा बोर्ड में जमा नहीं हो सके और उसका रोल नंबर नहीं बना। वहीं जो रोल नंबर जारी हुआ है, उस पर भिवानी रोड निवासी रोहित का आधार नंबर अंकित है।
स्कूल की लापरवाही का आरोप
भिवानी रोड निवासी रोहित के चाचा नरेश के अनुसार उसका भतीजा बीबीपुर स्थित निजी स्कूल में पढ़ता है। उसका संचालक रोहित के नाम पर स्कूल के अन्य विद्यार्थी रोहित को परीक्षा दिलवाना चाहता है। इसके चलते ही रोहित को रोल नंबर नहीं दिया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रोल नंबर दिलवा दिया, लेकिन जब रोहित 12 बजे परीक्षा देने सूर्य हाई स्कूल पहुंचा तो परीक्षा केंद्र पर स्कूल संचालक राज सिंह भी वहां पहुंच गया और धनखेड़ी गांव निवासी रोहित को स्कूल का विद्यार्थी होने का दावा किया। भिवानी निवासी रोहित को फर्जी विद्यार्थी बताते हुए उसका प्रवेश पत्र फाड़ दिया। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की तो उन्होंने भिवानी रोड निवासी रोहित के दस्तावेज सही पाए और उसे परीक्षा देने दी।
आठवीं तक मान्यता प्राप्त हैं दोनों रोहित के स्कूल
एक ही रोल नंबर पर दो विद्यार्थियों के परीक्षा देने की सूचना मिलने पर डीईओ फ्लाइंग जयसूर्या हाई स्कूल पहुंची। जब डीईओ फ्लाइंग ने धनखेड़ी निवासी रोहित से पूछा तो उसने बताया कि वह धनखड़ी में निजी स्कूल का विद्यार्थी है और उसने जींद के एक स्कूल से 10वीं की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। वह नहीं जानता कि किस वजह से उसके दस्तावेज मैच नहीं कर रहे। इस पर डीईओ फ्लाइंग ने जिला शिक्षा अधिकारी व बोर्ड में संपर्क साधा। डीईओ फ्लाइंग सदस्य कुलदीप सिंह ने धनखड़ी निवासी रोहित को भिवानी शिक्षा बोर्ड में दस्तावेज सही करवाने की सलाह दी।
27 विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा
बुधवार को दसवीं की सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा में उड़नदस्ता टीमों ने कुल 27 विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा। इसमें से 19 केस जींद सब डिवजीन में पकड़े गए। 19 विद्यार्थियों में से 14 केस राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने, वहीं पांच अन्य जगह। इसके अलावा दो विद्यार्थियों को नरवाना, चार सफीदों व दो विद्यार्थियों को उचाना में नकल करते हुए पकड़ा गया।
यह मामला गंभीर है, भविष्य को देखते हुए दोनों ही विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए अनुमति दी गई है। इसकी जांच की जाएगी। स्कूल के स्तर पर गड़बड़ी हुई तो कार्रवाई होगी। - मदन चोपड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी।
एडमिट कार्ड फाडने के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर हुआ हंगामा।- फोटो : Jind