जींद। नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को जल्द ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने जा रही हैं। अस्पताल में दो आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीनें स्थापित की जाएंगी। इससे मरीजों को लंबे इंतजार और पुरानी तकनीक से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
अब तक अस्पताल में पुरानी एक्स-रे मशीनों से ही काम चलाया जा रहा था जो तकनीकी रूप से कमजोर होने के साथ-साथ बार-बार खराब भी हो जाती थीं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब 200 मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं। ऐसे में पुरानी मशीनों के कारण न केवल मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती थी बल्कि डॉक्टरों को भी जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाती थी।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब अस्पताल में चल रहे जीर्णोद्वार कार्य के चलते पिछले लगभग दो माह से एक्सरे की पुरानी मशीन बंद पड़ी थी। इससे मरीजों को निजी लैब या अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था, जिससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च हो रहा था।
अब अस्पताल के एक्स-रे रुम में जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके साथ ही नई डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डिजिटल तकनीक से लैस यह मशीनें न केवल जांच को तेज बनाएंगी बल्कि रिपोर्ट की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार करेंगी।
डिजिटल एक्स-रे मशीनें पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। क्योंकि इनमें फिल्म और केमिकल का उपयोग नहीं होता, जिससे अस्पताल में गंदगी और प्रदूषण कम होगा। मशीन के संचालन में कम स्टाफ की आवश्यकता होगी जिससे कार्यप्रणाली और अधिक सुचारू बन सकेगी।
डिजिटल एक्स-रे मशीन से क्या होंगे लाभ
डिजिटल एक्स-रे मशीन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कम समय में साफ और स्पष्ट इमेज मिलती है। इससे डॉक्टर मरीज की बीमारी का सही और सटीक आकलन कर पाते हैं। पारंपरिक एक्स-रे की तुलना में डिजिटल एक्सरे में रेडिएशन का प्रभाव भी कम होता है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक सुरक्षित है। इसके अलावा डिजिटल एक्स-रे रिपोर्ट को कंप्यूटर और नेटवर्क के माध्यम से तुरंत डॉक्टरों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे इलाज में देरी नहीं होती। जरूरत पड़ने पर इन रिपोर्ट्स को भविष्य के लिए सुरक्षित भी रखा जा सकता है। इससे मरीजों को बार-बार एक्स-रे कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वर्जन
अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीनों की स्थापना से मरीजों को बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि “नई डिजिटल एक्स-रे मशीनों से जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को समय पर सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी जिससे इलाज और अधिक प्रभावी हो पाएगा।
-डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।