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Jind News: ओलावृष्टि को दो दिन बीते, फसल खराबे की भरपाई के लिए नहीं खुला क्षतिपूर्ति पोर्टल

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22जेएनडी09: खरकरामजी गांव के खेतों में फसल खराबे की जानकारी के लिए गए जुलाना विधानसभा से प्रत्य - फोटो : mathura
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जींद। जिले में दो दिन पहले हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि जिलेभर में हजारों किसानों की फसल में नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को तुरंत क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलना होता है, ताकि किसान 72 घंटे के अंदर हुए नुकसान की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें, लेकिन जिले में क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद होने के कारण किसान नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
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जिले में लगभग एक हजार के आसपास किसानों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई थी। फसल के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 72 घंटे में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे की जानकारी अपलोड करनी थी। ओलावृष्टि के कारण उचाना, जींद, जुलाना, पिल्लूखेड़ा, नरवाना, उझाना व सफीदों खंड के सैकड़ों गांवों में गेहूं व बागवानी की फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान गेहूं में है, जबकि 70 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान सब्जी की खेती में हैं। जिले में किसानों की फसल खराबे को लेकर फिलहाल प्रशासन गंभीर नहीं है। इस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों के नुकसान के आकलन के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी होती है। नुकसान का आकलन दर्ज करने के लिए किसान को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ओलावृष्टि या ज्यादा बारिश समेत अन्य आपदा आने पर फसल में हुए नुकसान की जानकारी देनी होती है। इसके बाद राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार कर किसान को हुए नुकसान की भरपाई की जाती है।
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बागवानी विभाग की फसलों में ज्यादा नुकसान

उचाना क्षेत्र में बागवानी विभाग के भी ज्यादा किसान हैं। यहां पर सब्जी की खेती व बाग ज्यादा लगाए जाते हैं। फिलहाल पॉलीहाउस या टनल के माध्यम से सब्जी की खेती की जा रही है। ओलावृष्टि के कारण टनल में लगाई गई सब्जियां पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर हैं।
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संज्ञान.... जुलाना विधानसभा में भाजपा नेता ने किया दौरा
गांव खरक रामजी, आसन व चाबरी के खेतों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी के लिए जुलाना से विधानसभा में प्रत्याशी रहे कैप्टन योगेश बैरागी ने दौरा किया। फसलों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की को देखते हुए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को नुकसान का खामियाजा न भुगतना पड़े।
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मांग... फसल खराबे की भरपाई के लिए सरकार जल्द खोले पाेर्टल
ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं की फसल समेत अन्य सभी फसलें खराब हो चुकी हैं। सब्जी व फलों की फसलों में ज्यादा नुकसान हुआ है। गेहूं में 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान है। इसकी भरपाई के लिए सरकार समय रहते पोर्टल खोले। अगर सरकार ने जल्द ही पोर्टल नहीं खोला तो भारतीय किसान यूनियन सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होगी।

-रामराजी ढुल, प्रवक्ता भाकियू

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सलाह... फसल बीमा के किसान 14447 पर करें कॉल
डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया हुआ है। वह किसान फसल खराबे के नुकसान की भरपाई के लिए 14447 पर कॉल करें। इसमें किसानों की शिकायत दर्ज की जाएगी। जिस गांव में एक चौथाई किसानों की फसल खराब हुई है। उन गांवों में एसडीएम व तहसीलदार के नेतृत्व में जांच कमेटी जाकर जांच करेगी। इसके बाद किसानों को फसल का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा जिन किसानों ने फसलों का बीमा नहीं करवाया है। क्षति पूर्ति पोर्टल पर नुकसान की भरपाई के लिए उन किसानों की फसल की जानकारी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर दर्ज होनी चाहिए। इसके बाद ही किसान खराबे को दर्ज करवा पाएंगे।
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किसी भी आपदा के लिए मुख्यालय की तरफ से पोर्टल खोला जाता है। अभी तक पोर्टल नहीं खुला। पोर्टल खुलने के बाद जिला के किसान भी ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए नुकसान को अपलोड कर सकते हैं। पोर्टल खुलने के बाद किसानों को सूचित भी कर दिया जाएगा।
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-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद।
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