फोटो 30जेएनडी10-कलाधाम भवन में ऋषि सुखदेव महाराज को राखी बांधते हुए श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु
जींद। रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में कला धाम में चल रहे तीन दिवसीय गुरु शिष्य राखी उत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ पर्व मनाया। कला धाम मंदिर में अनुयायियों ने महान शक्ति संगठन, कला धाम के संस्थापक महाज्ञानी महान कलाधारी महाराज के चरणों में रक्षा सूत्र अर्पित किए।
इसके बाद अपने पूज्य गुरुदेव ऋषि सुखदेव महाराज को रक्षा सूत्र बांधकर विश्व कल्याण की प्रार्थना की और उनका आशीर्वाद लिया। ऋषि सुखदेव ने कहा कि अनमोल मानव जीवन में प्रभु प्रेम को प्राप्त करना और उस सच्चे प्रेम को संसार के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना ही जीवन की वास्तविक सफलता है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उससे सच्चे प्रेम, शुभकामनाओं और अपनी रक्षा की उम्मीद रखती है। उसी प्रकार जो शिष्य अपने पूर्ण सतगुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा, दृढ़ निश्चय और अटूट विश्वास रखता है, उसके लिए पूर्ण पारब्रह्म सतगुरु भी सदैव तत्पर रहते हैं। सतगुरु उसे प्रभु प्रेम, गूढ़ ज्ञान और दिव्य आनंद से भर देते हैं।
ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि प्रभु का सच्चा प्रेम किसी एक या दो व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इसकी कोई सीमा नहीं है। यदि प्रभु प्रेम को पूरे विश्व में बांटा जाए तो यह कम होने के बजाय और बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा कि संसार का हर व्यक्ति सच्चे प्रेम की तलाश में है, लेकिन सच्चा प्रेम तब तक प्रकट नहीं होता, जब तक इन्सान स्वयं दूसरों के प्रति प्रेम बांटना शुरू नहीं करता।