10जेएनडी12-पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोग। संवाद
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उचाना। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए खटकड़ टोल के पास श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। क्षेत्र भर से लोग श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे। किसान संगठनों के प्रतिनिधि, खापों के प्रतिनिधि व प्रधान भी पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक ने हमेशा हर किसी की आवाज को उठाने का काम किया।
वह कई राज्यों के राज्यपाल रहे तो आमजन के साथ उनका जुड़ाव रहा। अपने जीवन में उनकी छवि ईमानदार इंसान की रही। जम्मू कश्मीर में जब वह राज्यपाल थे तो वहां पर धारा 370 हटाने का काम किया।
मजदूर, किसान और कमेरे वर्ग की आवाज को बुलंद करने का प्रयास किया। जब उनका निधन हुआ तो उनके पास चार जोड़ी कपड़े ही थे। एक कमरे का मकान उनके पास था।
वक्ताओं ने कहा कि अपने जीवन में कभी रुपये कमाने को अहमियत नहीं दी। अपने जीवन काल के दौरान सत्यपाल मलिक कहते थे कि राजनीति रुपये कमाने का जरिया नहीं है बल्कि ये समाज सेवा करने का माध्यम है।
जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का जो साहसिक निर्णय उनके राज्यपाल होते हुए लिया गया उनको लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस मौके पर ओमप्रकाश कंडेला, सूरजभान घसो, दलबीर श्योकंद, हरिकेश काब्रच्छा, सोमदत्त थुआ, अनुराग खटकड़, महेंद्र जुलानी फूलकुमार बरसोला, अनिता सुदकैन, सिक्किम सफाखेड़ी, शंकर और बलवान छापड़ा मौजूद रहे।