जींद। जिला प्रशासन ने कड़ाके की ठंड में मुसाफिरों की सुविधा के लिए बस अड्डे पर रैन बसेरा बनाया है। सर्दी में मुसाफिर रात रैन बसेरे में गुजार सकेंगे।
डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बुधवार रात को बस अड्डा, पालिका बाजार, रेलवे जंक्शन स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण किया। कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए। इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। डीसी ने रेडक्रॉस सचिव रवि हुड्डा को निर्देश दिए कि वे इस रैन बसेरा के पास शौचालय व पीने के पानी का भी प्रबंध करें ताकि रात को रुकने वाले लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने महिला एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग रैन बसेरा बनाने के निर्देश भी दिए।
रेडक्रॉस सचिव ने डीसी को बताया कि वे रैन बसेरा में आने वाले लोगों के लिए सामाजिक संस्थाओं से संपर्क कर उन्हें भोजन भी उपलब्ध करवाएंगे। पिछले वर्ष रैन बसेरा में सर्दी के दिनों में 165 लोग जो किसी कारणवश बस स्टैंड पर फंसे थे वे यहां रुके थे। पालिका बाजार स्थित नगरपरिषद द्वारा बनाए गए रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगरपरिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरा में केवल वे ही लोग रूके जो ट्रेन छूटने एवं बस निकलने एवं अन्य किसी कारण वश से जींद में रह गए है। उन्होंने इसका रजिस्टर एवं सीसीटीवी कैमरे को भी चैक किए। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरा के साथ लगती जमीन पर बहुमंजिला पार्किंग बनाने के लिए भी कहा ताकि यहां पर लगने वाले जाम की समस्या का हल हो सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी माधुर्या तरफदार, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के सीपीओ प्रवीन परूथी, नगरपरिषद के सचिव अशोक दांगी, जितेंद्र सिंह, अशोक सैनी, कुलबीर सिंह मौजूद रहे।
जरूरतमंदों को कंबल किए वितरित
डीसी ने जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। जींद, नरवाना, उचाना और सफीदों के एसडीएम को निर्देश दिए कि ठंड के मौसम में सार्वजनिक जगहों जैसे बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, पार्कों, सड़कों का निरीक्षण करते रहे ताकि काई भी बेघर खुले आसमान के नीचे रात न बिताए। यदि कोई व्यक्ति मिलता है तो उसे रैन बसेरा अथवा अन्य सुरक्षित जगहों पर भिजवाना सुनिश्चित करे।