जींद। जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नागरिक अस्पताल में जल्द ही ट्रामा सेंटर बनेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ट्रामा सेंटर बनाने के लिए अस्पताल के पास नौ एकड़ जमीन की जरूरत है, जो अस्पताल कैंपस के पीछे उपलब्ध है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को भेज दी गई है। यदि सब कुछ ठीक रहा जल्द ही जिले को ट्रामा सेंटर की सुविधा मिल जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल में ट्रामा सेंटर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। जिला स्तर पर ट्रामा सेंटर न होने से हादसे में गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक या हिसार रेफर करना पड़ता है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
जींद शहर की आबादी लगभग सवा दो लाख के आसपास है जबकि पूरे जिले की आबादी 13 लाख से ज्यादा है। जिले के गंभीर मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में कोई खास सुविधा नहीं है। नागरिक अस्पताल में आईसीयू जैसी भी सुविधा नहीं है। इस कारण गंभीर मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। इस कारण नागरिक अस्पताल केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। खासकर सड़क दुर्घटना या गोली लगने जैसे मामलों में मरीज को तुरंत पीजीआई रेफर कर दिया जाता है।
सिविल सर्जन से पत्र लिखकर मांगी थी जमीन की जानकारी
स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने जिले में ट्रामा सेंटर बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता के बारे में सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई थी। अस्पताल प्रशासन ने नागरिक अस्पताल के पीछे ही ट्रामा सेंटर के लिए नौ एकड़ जमीन की उपलब्धता बताते हुए स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को पत्र लिख दिया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले को ट्रामा सेंटर जैसी सुविधा भी मिल जाएगी। बता दें कि जींद की 70 किलोमीटर परिधि में कोई ट्रामा सेंटर नहीं है।
ट्रामा सेंटर के लिए स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक की तरफ से जमीन की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी गई थी। नागरिक अस्पताल के पीछे ही नौ एकड़ जमीन की उपलब्धता बताई गई है। इस बारे में स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को जानकारी भेज दी गई है।
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।