22जेएनडी12: डीसी डाॅ. मोहम्मद इमरान रजा। स्वयं
जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि आबकारी व कराधान विभाग ने कर वसूली को लेकर वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक योजना का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू हुई है। व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग ने ओटीएस योजना के तहत छूट दी है। योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। इनमें स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगी। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल पर टैक्स दाता 30 मार्च तक लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा विभाग ने एक ओटीएस हेल्प डेस्क की भी स्थापना की है, जिस पर व्यापारी व उद्योगपति वन टाइम सेटलमेंट योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
22जेएनडी12: डीसी डाॅ. मोहम्मद इमरान रजा। स्वयं