संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सरकार को जीवन भर जीएसटी देने वाले व्यापारियों के बुढ़ापे की चिंता भी करनी चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि वह पूरी उम्र सरकार को टैक्स देते हैं लेकिन जब वह कारोबार करने की स्थिति में नहीं रहते तब उनके लिए कोई ठोस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में सरकार को चाहिए कि जीएसटी देने वाले व्यापारियों के लिए बुढ़ापे में पेंशन की व्यवस्था करें ताकि उनका जीवन सम्मान और सुरक्षा के साथ गुजर सके।
व्यापारियों की मांग है कि नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं हैं लेकिन व्यापारी वर्ग इन सुविधाओं से वंचित है। व्यापारी अपने जोखिम पर व्यापार करता है। घाटा-नफा सब खुद झेलता है और नियमित रूप से जीएसटी सहित कई प्रकार के टैक्स सरकार को देता है।
इसके बावजूद बुढ़ापे में उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिलती, जो बेहद चिंता का विषय है। सरकार को व्यापारियों की सुध लेते हुए उनके लिए कानून बनाना चाहिए, ताकि बुढ़ापे में उन्हें आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
13जेएनडी30:विनोद जैन।