संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। प्रदेशभर में एक माह से चल रही आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल को अब जन समर्थन मिलने लगा है। आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में वीरवार को कंडेला पीएचसी के कंडेला, हैबतपुर, अमरहेड़ी, अहिरका, रूपगढ़ गांव के मजदूरों, युवाओं, महिलाओं व बच्चों ने मिलकर मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मशाल जुलूस का नेतृत्व कंडेला पीएचसी की प्रधान नेहा अमरेहड़ी ने किया। नेहा अमरेहड़ी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता आठ अगस्त से मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग का काम प्रभावित हो रहा है लेकिन प्रदेश सरकार आशा कार्यकर्ताओं से बात करना उचित नहीं समझा। आशा कार्यकर्ताओं अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए 28 अगस्त का विधानसभा कूच का आह्वान किया लेकिन सरकार ने जो जो आशा कार्यकर्ताओं के साथ किया वह सबके सामने है। सरकार ने प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को भी अपनाने नहीं दिया और एक दिन पूर्व ही आशा कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस बैठा दी और उन्हें घरों में नजरबंद कर दिया। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर अपनी आवाज को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी ब्लॉकों में 11 से 19 सितंबर तक जन एकता जन संवाद पंचायतें करेंगी।
इसमें सरपंच, पंच, जिला परिषद, ब्लॉक समिति सदस्यों को निमंत्रण पत्र दिए जाए रहे हैं। जींद ब्लॉक में 14 सितंबर को लघु सचिवालय पर जन एकता पंचायत करके सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों व जिला परिषद सदस्यों से आशाओं की हड़ताल का समर्थन मांगा मांगी जाएगी। कहा कि सरकार जान बूझकर आशा वर्करों से बात नहीं कर रही क्योंकि सरकार की मंशा महिलाओं के प्रति साफ नजर आती है। सीटू जिला सचिव कपूर सिंह, पवन कुमार सहित ग्रामीण सफाई कर्मियों, निर्माण मजदूरों, मनरेगा मजदूरों, महिलाओं, युवाओं व बच्चों ने मशाल जुलूस में भाग लिया।