17जेएनडी14 : नागरिक अस्पताल में बने शौचालयों की हालत ठीक करते कर्मचारी। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत बने शौचालयों की हालत अब सुधारी जा रही है। चार दिन पहले सिविल सर्जन ने जब शौचालयों का निरीक्षण किया था तो वे काफी बदहाली में मिले थे। उन्होंने तुरंत शौचालयों के सुधार के निर्देश दिए। अब शौचालयों के दरवाजे से लेकर अन्य टूटी वस्तुओं को ठीक करवाया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 तक की ओपीडी होती है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करवाने सहित अन्य कार्य के लिए भी सैकड़ों लोग आते हैं। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भी लोग आते हैं। पोस्टमार्टम रूम के पास ही शौचालय बनवाया गया है, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह इस्तेमाल लायक नहीं रह गया था। इसकी टोटियां टूटी हुई थीं और दरवाजे टूटे हुए थे। इसके चलते यहां महिलाएं तो शौच करने की सोच भी नहीं सकती थी। महिलाओं के लिए बनाए गए शौचालय पर ताला गया हुआ था। सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने निरीक्षण कर जब शौचालय की हालत को देखा तो तुरंत प्रभाव से इसे दुरुस्त करवाने के आदेश दिए थे। इस शौचालय को एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया था और उन्होंने ही सफाई की व्यवस्था की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन आमजन की सुविधा को लेकर अपने पास मौजूद सफाईकर्मियों के माध्यम से सफाई की व्यवस्था करता था, जिस पर तुरंत प्रभाव से प्रशासन के संज्ञान में मामला लाया गया और शुक्रवार को शौचालय में टूटे पड़े दरवाजों, टोंटी व पानी की व्यवस्था को ठीक करवाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। उन्होंने सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं करवाई। बिना शौचालय के लोगों को परेशानी हो रही थी। ऐसे में शौचालय की व्यवस्था को दुरुस्त करवाने का काम किया गया है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में अपना नैतिक फर्ज निभाएं। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
17जेएनडी14 : नागरिक अस्पताल में बने शौचालयों की हालत ठीक करते कर्मचारी। संवाद