03जेएनडी 06: जयंती देवी मंदिर में भगवान शिव की पूजा करते हुए श्रद्धालु। पुजारी
जींद। सावन माह का अंतिम सोमवार आज है और 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सावन माह समाप्त होगा। ऐसे में सोमवार के दिन शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। मान्यता है कि सावन में सोमवार के दिन व्रत करने व भोलेनाथ की विधिवत पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सावन माह के आखिरी सोमवार को स्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। इस अवधि में किए गए कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है। इसके अलावा ब्रह्म व इंद्र योग भी रहेगा। सावन माह के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक का ब्रह्म मुहूर्त सुबह चार बजकर 20 मिनट से सुबह पांच बजकर दो मिनट तक रहेगा। वहीं जलाभिषेक का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
सोमवार को सावन माह का अंतिम सोमवार पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लगेगी। ऐसे में मंदिर कमेटियों द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिरों में प्रतिदिन रूद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन श्रद्धालु शिव स्तुति के साथ ही भगवान शिव की पूजा करते हैं।
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सावन के अंतिम सोमवार को सुबह स्नान कर साफ वस्त्रों को धारण करें। अब पूजा के लिए सभी सामान को एकत्रित करें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, घी, दही, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। फिर महादेव को बिल्वपत्र चढ़ाएं। ओम नम: शिवाय जपते हुए शिवलिंग पर धतूरा, भस्म और शमी का फूल अर्पित करें। इसके बाद कुछ मौसमी फलों को अर्पित करें। दीप जलाएं और भगवान शिव का जाप करें।
नवीन शास्त्री पुजारी जयंती देवी मंदिर।
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03जेएनडी 06: जयंती देवी मंदिर में भगवान शिव की पूजा करते हुए श्रद्धालु। पुजारी