फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: हाइड्रोजन ट्रेन चलाने के लिए तीन लोको पायलट तैनात, एक को रखा रिजर्व

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। भारतीय रेलवे ने ट्रेन के सफल संचालन के लिए तीन लोको पायलटों की तैनाती कर दी है, जबकि एक अतिरिक्त लोको पायलट को रिजर्व में रखा गया है।
विज्ञापन

हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को नियमित मरम्मत और तकनीकी जांच के लिए शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप भेजा गया है। वहां ट्रेन के इंजन, हाइड्रोजन सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। तीन से चार दिन में ट्रेन के दोबारा जींद लौटने की संभावना है।
17 जुलाई को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जींद जंक्शन, हाइड्रोजन प्लांट और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारी लगातार मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
विज्ञापन

इन रूटों पर हुआ हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल
हाइड्रोजन ट्रेन का पिछले कई महीनों से अलग-अलग रेल मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से ट्रायल किया जा रहा था। जींद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, दिल्ली और शकूरबस्ती रूट पर ट्रेन को 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चलाकर इसकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। हाल ही में हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ट्रेन को अंतिम तकनीकी निरीक्षण के लिए वर्कशॉप भेजा गया है।
दस डिब्बों वाली सामान्य श्रेणी की हाइड्रोजन ट्रेन
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 10 डिब्बे हैं। यह पूरी तरह सामान्य श्रेणी की ट्रेन है और इसमें वातानुकूलित कोच उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेन के कोचों में आरामदायक सीटें, बेहतर वेंटिलेशन के लिए बड़ी हवादार खिड़कियां और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि उद्घाटन से पहले ट्रेन का अंतिम तकनीकी निरीक्षण पूरा किया जाएगा ताकि संचालन के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें