जींद। जिले में तीन दिनों बाद शनिवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छा गया। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह करीब छह बजे से नौ बजे तक कोहरे की चादर तनी रही। इससे दृश्यता करीब 10 मीटर तक हो गई। इससे वाहन रेंगते रहे।
कोहरे की वजह से हाईवे से लेकर शहर की आंतरिक सड़कों तक सावधानी से आवाजाही करनी पड़ी। हवा ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया। इससे आमजन को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह कोहरे के कारण ठंड ज्यादा महसूस की गई। न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री तक पहुंचा।
हालांकि दोपहर करीब 11 बजे के बाद धूप खिली लेकिन हवा में ठंड बरकरार रही। इससे धूप भी ज्यादा राहत नहीं दे सकी। खुले स्थानों पर बैठे लोगों को धूप के साथ ठंडी हवा का असर लगातार महसूस होता रहा। कोहरे का सबसे अधिक असर रेल यातायात पर पड़ा। 12 से अधिक ट्रेनें देरी से गंतव्य पर पहुंचीं। कई ट्रेनें पांच से आठ घंटे तक लेट रहीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह कोहरे के कारण दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में खेतों की ओर जाने वाले किसान भी कोहरे के कारण देर से घरों से निकल पाए। सड़कों पर जगह-जगह वाहन चालकों ने फॉग और डिपर लाइट जलानी पड़ी। यातायात पुलिस ने भी वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। मकर संक्रांति तक अधिकतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है और यह घटकर करीब 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलते सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रहेगा। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बाक्स
अब ठंड बढ़ रही है। आमजन को इसका ध्यान रखना चाहिए ताकि बीमार होने से बच सकें। ठंड में नागरिक अस्पताल की ओपीडी तो कम हुई हैं लेकिन खांसी, जुखाम व बुखार के मरीजों की संख्या पहले से ज्यादा है। ठंड से बचाव जरूरी है।-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद
-
ठंड बढ़ने से आमजन के साथ फसलों को भी नुकसान होने का डर है। सब्जी की फसलों पर ठंड का ज्यादा असर पड़ता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वह फसलों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की बीमारी दिखे तो कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।-डॉ गिरीश नागपाल, डीडीए जींद।
बाक्स
यह ट्रेनें पहुंची देरी से
अवध असम को सुबह चार बजकर 4:27 पर जींद जंक्शन पर पहुंचना था लेकिन ट्रेन आठ बजकर चार मिनट पर आई। जाखल दिल्ली पैसेंजर छह बजकर एक मिनट पर आनी थी लेकिन यह छह बजकर 57 मिनट पर आई। दिल्ली एमडीयू एक्सप्रेस 8:04 पर आनी थी लेकिन 9:03 मिनट पर आई। पातालकोट एक्सप्रेस 8:56 पर आनी थी लेकिन यह 9:51 पर आई। अंडमान एक्सप्रेस 10:42 के बजाए 11: 13 पर आई। दिल्ली इंटरसिटी सुपरफास्ट एक घंटा देरी से आई। कुरुक्षेत्र जींद पैसेंजर 35 मिनट की देरी से आई। हिसार जींद पैसेंजर सवा घंटा देरी से आई। फरक्का एक्सप्रेस 23 मिनट देरी से आई, पातालकोट एक्सप्रेस एक घंटा 34 मिनट देरी से आई। सरबत दा भला दो घंटे 57 मिनट देरी से आई, अवध असम शाम को छह बजकर 15 मिनट पर पहुंचनी थी लेकिन यह रात को दो बजकर 35 मिनट पर पहुंचेगी।
10जेएनडी14: सुबह दस बजे धुंध से गुजरते हुए बाइक सवार। संवाद