तीन दिन की छुट्टियों के बाद एक दिन बैंक खुले और फिर मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल रही। इस कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिले भर में मंगलवार को महज आधा दर्जन एटीएम ही चल पाए। बैंकों की हड़ताल के कारण जिला में करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। हालांकि इसमें वर्क मैन यूनियन ने समर्थन नहीं किया। इससे हर बैंक में दो-चार कर्मचारी काम पर पहुंचे, लेकिन कोई काम नहीं हो सका। दिनभर बैंक बंद रहने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई, वहीं एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। वहीं, बैंक कर्मचारियों ने भी सफीदों गेट स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मेन ब्रांच के समाने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि अगर बैंक कर्मचारियों ने जल्द ही मांगें पूरी नहीं की तो आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
131 बैंक रहे बंद
जिला में कुल 131 एटीएम बूथ व 137 बैंक शाखाएं हैं। 33 कोऑपरेटिव बैंक, 11 ग्रामीण बैंक और पांच भूमि विकास बैंक हैं। मंगलवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में काम काज प्रभावित रहा। हालांकि, निजी बैंकों कामकाज जारी रहा। सामान्य दिनों में जिले भर में महज चार दर्जन एटीएम चालू रहते हैं। इनमें प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये कैश डाला जा रहा है, जबकि प्रतिदिन 30 करोड़ रुपये की मांग रहती है।
ये हैं मुख्य मांगें
1. नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा बैंक कार्यालय समय के पश्चात किए गए कार्य के उचित भुगतान प्रतिपूर्ति की जाए।
2. पांच दिवसीय बैंकिंग को शीघ्र शुरू किया जाए।
3. बैंकों में स्थायी भर्ती की जाए।
4. बैंक से ऋण लेने के बाद जो जानबूझकर लोन चुकाना नहीं चाहता उन पर कार्रवाई की जाए।
नहीं मिला कैश, रुकी चेक क्लीयरेंस
हड़ताल के कारण जहां लोगों को नकदी नहीं मिली, वहीं चेक क्लीयर होने में भी दिक्कत आई। विशेषकर जिन लोगों ने सोमवार दोपहर बाद चेक लगाए थे, उनके चेक क्लीयर नहीं हो सके। इससे ऑनलाइन भुगतान भी बाधित हुआ।
बैंक बंद होने से हो रही परेशानी
छुुट्टी के बाद बैंक बंद मिले और शहर में अधिकतर एटीएम भी बंद हैं, जिससे परेशानी हो रही है। एकाध एटीएम में पैसे हैं तो वहां लंबी लाइन लगी है। ये भी पता नहीं कि लाइन में पैसे निकलवाने के लिए नंबर आएगा या नहीं।
प्रमोद, उपभोक्ता
घर में शादी, बैंक बंद व एटीएम में नहीं कैश
घर में शादी है, बैंक भी बंद हैं। बैंक से पैसे निकलवाने थे, लेकिन बैंक बंद व एटीएम में पैसे नहीं होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। शहर के सभी एटीएम बंद हैं या पैसे नहीं।
विकास, उपभोक्ता
दिनभर बैंक बंद रहने से हुई परेशानी
तीन दिन छुट्टी के बाद अचानक बैंकों की हड़ताल से काफी समस्या पैदा हो गई। घर के जरूरी काम के लिए पैसे निकलवाने थे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका।
राजेश, उपभोक्ता
हड़ताल के कारण नहीं डाल पाए कैश
तीन दिन की छुट्टी और फिर हड़ताल होने से लोगों का परेशानी हुई है। हड़ताल के कारण एटीएम में भी कैश नहीं डाला जा सका। अब बुधवार से स्थिति सामान्य हो सकेगी।
-एमके झा, एलडीएम