गुरथली गांव में तालाब के पास खेल रहे तीन बालक तालाब में नहाते समय डूब गए। ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने दो बालकों को मृत घोषित कर दिया जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। उसको इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जिस तालाब में तीनों बच्चे डूबे हैं, वह गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर है। जिस तालाब में यह बच्चे डूबे हैं, उसकी खुदाई मनरेगा योजना के तहत कुछ माह पहले करवाई जा रही थी। लेकिन खुदाई का काम पूरा नहीं हुआ है। कुछ दिनों से हो रही बारिश के बाद तालाब पानी से भर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि गुरथली गांव में मंगलवार को गांव के कुछ बच्चे हथो रोड स्थित तालाब पर खेल रहे थे। खेल -खेल में अरमान(7), राणा (7) व लवप्रीत (10) नाम के बच्चे तालाब में नहाने लगे तो वह गहरे पानी में चले गए। इसके बाद तीनों डूब गए। तालाब के पास लगते मकानों के लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो वह मौके पर पहुंचे और बच्चों को तालाब से बाहर निकालकर नरवाना के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने लवप्रीत व राणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं अरमान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा के मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया है। परिजनों ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने से भी इनकार कर दिया।
सात फुट गहरा गड्ढा बना काल
तालाब में खुदाई का काम बीच में रुका हुआ है, ऐसे में कुछ जगह कम व कुछ जगह अधिक खुदाई की गई है। जहां बच्चे नहा रहे थे, इसके साथ ही करीब सात फुट गहरा गड्ढा था। नहाते-नहाते गड्ढे की तरफ चले गए। यहां पैर फिसलते ही तीनों डूब गए। गनीमत रही कि लोगों ने तीनों को निकाला तो एक बच्चे की जान बच गई। हालांकि वह भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा।
समय रहते संभल जाते तो बच जाती जान
लोगों ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, तीन-चार और बच्चे यहां नहा रहे थे। बच्चों को डूबते देख यह बच्चे भाग गए। हालांकि तालाब के साथ लगते डेरे में लोग थे और यदि समय रहते इनको पता चल जाता तो बच्चों को बचाया जा सकता था।
गांव में शोक की लहर
घटना का पता चलते ही गांव में शोक की लहर छा गई। जिसको भी पता चला, वही नरवाना के नागरिक अस्पताल की तरफ भागा। अब लोग खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती अरमान के जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं।
वर्जन-
घटना की जानकारी मिली है। जांच करवाई जाएगी कि क्या काम में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. किरण सिंह, सीईओ, जिला परिषद।
लवप्रीत। फाइल फोटो- फोटो : Jind