सफीदों। वार्ड नंबर 2 में एक बंद मकान में मां-बेटे की हत्या करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी विनोद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी विनोद से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल फोन को बरामद कर लिया है।
शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने बताया कि बाइक कोमल और उसके बच्चों को झज्जर के बेरी से लाने में इस्तेमाल की गई थी। आरोपी विनोद ने अपने मोबाइल के माध्यम से बात करके मुख्य आरोपी अजय को सफीदों के वार्ड नंबर दो में मकान किराये पर दिलवाया था।
16 सितंबर को सफीदों शहर के वार्ड नंबर 2 के एक बंद मकान के बाथरूम में महिला और बच्चे का गला-सड़ा शव मिला था। उसके दो दिन बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर 18 सितंबर को मनीष निवासी गांव भागलपुरी, तहसील बेरी, जिला झज्जर को तलब किया गया। उसने बताया था कि 14 अगस्त को उसकी पत्नी कोमल (25), अरनव (5) व आरव (6) लापता हो गए थे। 21 अगस्त को मामला दर्ज करवाया था। 11 सितंबर को उनका लड़का अरनव उर्फ कबीरा (5) कस्बा बलौंगी, जिला मोहाली, पंजाब के जंगलों में सुनसान जगह व घायल अवस्था में मिला था। उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है।
जांच के दौरान मनीष ने कपड़ों से अपनी पत्नी कोमल (25) व बेचे आरव (6) के रूप में की थी। मनीष ने पत्नी और बच्चे की हत्या का अंदेशा अपने रिश्तेदार अजय निवासी सूर्या कॉलोनी रोहतक पर जाहिर किया था। इस पर पुलिस ने अजय और उसकी पत्नी प्रियंका उर्फ पिंकी को गिरफ्तार कर लिया था। दंपती की जानकारी के आधार पर अजय की बुआ के बेटे विनोद उर्फ केडी सिरोही निवासी डिड़वाड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में सामने आया है कि अजय और कोमल में अवैध संबंध था। अजय की पत्नी पिंकी इन संबंधों को लेकर पहले तो राजी नहीं थी, लेकिन बाद में वह कोमल को अपने साथ रखने के लिए मान गई थी, लेकिन कोमल अजय को सिर्फ अपना बनाना चाहती थी। इसी को लेकर अजय व पिंकी ने कोमल और उसके बेटे की हत्या कर बाथरूम में बंद कर दिया था। वहीं वे कोमल के दूसरे बेटे अरनव उर्फ कबीरा को विभिन्न यातायात के साधनों से मोहाली ले गए और वहां पर उसका गला घोटकर मरा हुआ समझकर जंगलों में डाल दिया, लेकिन वह बच गया। उसे चरवाहे ने देख लिया। उसने पुलिस को बुलाकर उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवा दिया, जहां पर उसका इलाज चल रहा है।