जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय की ड्रग अवेयरनेस सेल ने ‘युवाओं में नशे की लत’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। इसमें मनो विश्लेषक नरेश जागलान ने मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि नशा एक धीमा जहर है। इससे कई नस्लें खत्म हो रही हैं। आजकल 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। जागलान ने कहा कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो पूरी मानवता का विनाश निश्चित है। अगर युवा यह ठान लें कि हम न तो नशा करेंगे और न ही किसी और को करने देंगे, तो समाज में सुधार आएगा। किसी एक व्यक्ति के नशे की लत से परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस नशे से दूर रहना ही इसका सर्वोत्तम इलाज है। उन्होंने कहा कि नशा दवाई से नहीं, दिल से छूटता है। नशे की आदत को छोड़ने के लिए पीड़ित को ऐसे लोगों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए, जो नशा न करते हों और साथ ही सकारात्मक विचार रखते हों।
प्राचार्य डाॅ. पूनम मोर ने कहा कि आज के समय में नशे से बचाव करके ही हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। उन्होंने बताया कि नियमित ध्यान करने से मन शांत रहेगा। कार्यक्रम में 100 छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ड्रग अवेयरनेस सेल की इंचार्ज नीलम, डाॅ. पिंकी मोर, डाॅ. नीलम रानी, डाॅ. सीमा दलाल, ज्योति मौजूद रहीं।