नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की बैठक रतन मान, चौधरी जोगेंद्र नैन, रणबीर मलिक की संयुक्त अध्यक्षता में नरवाना चौधरी घासीराम नैन किसान विश्राम गृह में हुई। बैठक में किसान आंदोलन को लेकर योजना बनाई गई।
इसमें संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार आज तानाशाही पर उतारू है। किसान अपनी जायज मांगों को लेकर दिल्ली प्रदर्शन करना चाहते हैं, जोकि उनका संवैधानिक अधिकार है।
इसका हनन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार हरियाणा की सीमाओं पर पुलिस बल की तरफ से जबरन रोकने, किसानों पर आंसू गैस के गोले दागने और गिरफ्तारियां करने का काम कर रही है।
किसानों की एमएसपी, कर्ज मुक्ति की जायज मांगों को पूरा करने के बजाय केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 25 नवंबर को नई कृषि बाजार नीति जारी की है, जो किसानों को एमएसपी से वंचित करती है।
डिजिटलीकरण, कॉन्ट्रैक्ट खेती, खरीद के लिए बाजार पहुंच के माध्यम से कृषि उत्पादन और विपणन पर कॉरपोरेशन नियंत्रण की अनुमति देता है। इसके चलते सरकारी मंडी व्यवस्था चौपट होगी। डिजिटल कृषि मिशन, राष्ट्रीय सहयोग नीति और अब नई कृषि बाजार नीति की हालिया शुरूआत तीन कृषि कानूनों को पिछले दरवाजे से पुनर्जीवित करने की अनुमति देने के लिए कॉरपोरेट एजेंडे की रणनीति का हिस्सा है।
पिछले दो वर्षों से पंजाब और हरियाणा में एपीएमसी मंडियों में खरीद को विफल करने, खाद्य सब्सिडी पर नकद हस्तांतरण को बढ़ावा देकर एफसीआई को खत्म करने, पिछले तीन वर्षों में खाद्य सब्सिडी में 60,470 करोड़ रुपये और उर्वरक सब्सिडी में 62,445 करोड़ रुपये की कमी कटौती के रूप में एमएसपी और खाद्य सुरक्षा की मौजूदा व्यवस्था पर लगातार निर्णायक कॉरपोरेट हमले करने की रही हैं। इन दोनों मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा राष्ट्रीय आह्वान पर 23 दिसंबर को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन कर और राज्यपाल से मिलकर इस नीति को वापस लेने का आग्रह किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 5 जनवरी 2025 को बिजली कानून, स्मार्ट मीटर योजना और कृषि नीति के विरोध नरवाना में राज्यस्तरीय बैठक का आयोजन होगा। इस अवसर पर बलबीर सिंह ,मास्टर कंवरजीत सिंह, सिक्कम श्योकंद, डॉ सुखदेव जम्मू, हरजिंदर सिंह, सुखविंदर औलख, विकास सीसर, बाबा गुरदीप सिंह, राजकुमार मौजूद रहे।
16जेएनडी30: नरवाना किसान भवन में हुई संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की बैठक। संवाद