उचाना। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर किसानों का आंदोलन जारी है। किसान नेताओं के आह्वान पर खटकड़ टोल के पास भी किसान धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को खटकड़ टोल पर हुई जिले की खाप पंचायतों की महापंचायत में फैसला लिया गया कि जिले में भाजपा व जजपा नेता के प्रवेश पर विरोध किया जाएगा। नेताओं को काले झंडे दिखाने के साथ-साथ उनको जिले से बाहर निकाला जाएगा। जब तक किसानों की मांगें केंद्र सरकार नहीं मानती तब तक यह फैसला रहेगा।
इसके अलावा महापंचायत में फैसला लिया गया कि पूंजीपतियों के जो भी उत्पाद होंगे, उनका बहिष्कार किया जाएगा। जिले के गांव-गांव जाकर लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जाएगा। भाजपा विधायक दल की बैठक में बीते दिनों लिए किसानों को कृषि कानूनों को लेकर समझाने के लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर रैली और कार्यक्रम करने का भी विरोध करने का फैसला महापंचायत पहुंचे खाप प्रतिनिधियों व किसानों ने लिया। खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान व दाडन खाप चबूतरा पालवां के प्रधान दलबीर श्योकंद ने कहा कि महापंचायत में जिले की खापों के प्रतिनिधियों व किसानों ने हिस्सा लिया। जब तक तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को केंद्र सरकार पूरा नहीं करती है, तब तक भाजपा व जजपा के नेताओं की एंट्री जिले में नहीं होने दी जाएगी। सीएम मनोहर लाल ने भाजपा के विधायकों व मंत्रियों को गांव में जाकर कृषि कानूनों को लेकर जो प्रचार-प्रसार करने भाजपा व जजपा नेता आएंगे उसका विरोध किया जाएगा।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि दिल्ली सीमा पर मांगों को लेकर हांड कंपा देने वाली ठंड में बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक धरने पर डटे हैं। इस मौके पर बारहा खाप के प्रधान कुलदीप ढांडा, माजरा खाप के प्रधान महेंद्र रिढाल, पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह, चांदी राम करसिंधु, रामनिवास करसिंधु, ईश्वर खटकड़, अमरजीत खटकड़, रामराज पोकरी खेड़ी, कैप्टन भूपेंद्र, कैप्टन वेद प्रकाश, रघबीर सिंह, प्रेम सिंह बांगड़, धर्मबीर राठी, भीम सिंह, लीला छापड़ा, पूर्व सरपंच कृष्ण, बलिंद्र सिंह, भीरा करसिंधु मौजूद रहे।
आंदोलन में डटे रहने की ली शपथ
दूसरी ओर बद्दोवाल टोल पर धरना संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहे धरने में किसानों आंदोलन में डटे रहने की शपथ ली। आज धरनास्थल पर ही किसानों ने अपना नया साल मनाया। धरने की शुरुआत में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई और अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव मास्टर चांद बहादुर ने आंदोलन के समर्थन में मजबूती से डटे रहने की शपथ दिलवाई। मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि किसान ने नए साल की शुरुआत संघर्ष के संकल्प के साथ की है।