जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस वर्ष स्थायी प्राध्यापक पढ़ा सकेंगे। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने जुलाई में विवि में भर्तियों पर रोक लगा दी थी। अब अगस्त के पहले ही सप्ताह में यह रोक हट गई है और विवि में भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस महीने सभी भर्तियां हो जाएंगी।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में काफी लंबे समय से स्थायी भर्तियों का मामला अटका हुआ था। इस वर्ष विवि ने कुछ नए कोर्स शुरू किए थे। इनके लिए विवि में प्राध्यापकों की भर्ती करनी थी, लेकिन उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने जुलाई महीने में भर्तियों पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा जो प्रथम वर्ष के विद्यार्थी हैं, उनको अगली कक्षाओं में पढ़ाने के लिए भी प्राध्यापकों की कमी हो रही थी। विवि में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी थी। बाद में प्रदेशभर के बाकी विश्वविद्यालयों में भी रोक लग गई थी। विवि में करीब 70 पदों पर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पदों पर स्थायी भर्ती होनी है। इन पदों पर भर्ती के लिए विश्वविद्यालय पहले ही आवेदन मांग चुका है। वहीं नान टीचिंग के करीब 90 पदों पर भर्ती होनी है।
अनुबंधित स्टाफ के सहारे चल रहा काम
साल 2014 में अस्तित्व में आए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में टीचिंग स्टाफ के 100 से ज्यादा पद हैं। जिनमें से एक चौथाई पदाें पर अनुबंध के स्टाफ के सहारे काम चलाया जा रहा है। विश्वविद्यालय के पहले वीसी मेजर जनरल डा. रणजीत सिंह, दूसरे वीसी डाॅ. आरबी सोलंकी के समय भी स्थायी भर्तियां करने के लिए प्रक्रिया चली, लेकिन विवादों के चलते भर्तियों पर रोक लगती रही।
अगस्त महीने में प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे जिन विद्यार्थियों ने नए कोर्स में दाखिला लिया है, उनको प्राध्यापक मिल जाएंगी। इसके अलावा पुराने कोर्स के लिए प्राध्यापकों की कमी हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टॉफ की कमी नहीं रहेगी। -डॉ. रणपाल सिंह, कुलपति सीआरएसयू।
19जेएनडी32 : चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य गेट का फोटो। संवाद