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Jind News: स्कूल के नाम पर महज एक कमरा, पेड़ के नीचे बैठ भविष्य लिख रहे 68 नौनिहाल

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स्कूल में पढ़ रहे बच्चे - फोटो : संवाद
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जींद। शहर में न्यू कृष्णा काॅलोनी स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल करीब 200 वर्ग गज में ही चल रहा है। स्कूल के नाम पर महज एक कमरा, उसके आगे छोटा बरामदा और उसके आगे लगा शेड है। उसी कमरे में मिड-डे मील से लेकर कुर्सियां, फर्नीचर, अलमारी व अन्य सामान भी रखा हुआ है।
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इसी तरह काठ मंडी के नजदीक राजकीय प्राथमिक में दो कमरे हैं। बाल वाटिका से लेकर कक्षा छह तक 137 विद्यार्थी यहां पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार निजी स्कूलाें और किड्स प्ले स्कूलों को मान्यता देने के लिए कमरे, शौचालय, खेल मैदान सहित अन्य सुरक्षा मानकों की शर्तें पूरा करने पर मान्यता देती है। ये दोनों स्कूल सरकार व शिक्षा विभाग के इनमें से किसी भी मानक पर खरे नहीं उतरते हैं।


एक कमरे का स्कूल, 68 बच्चे, बरामदे व शेड के नीचे हो रही पढ़ाई

रोहतक रोड बाईपास के नजदीक न्यू कृष्णा कॉलोनी में संस्था की जगह पर राजकीय प्राथमिक स्कूल चल रहा है। इस स्कूल की छात्र संख्या 68 है। बाल वाटिका से कक्षा पांच तक कुल छह कक्षाओं के लिए कमरा केवल एक है। कमरे में तीन कक्षाएं बैठाई जाती हैं। बाकी कक्षाओं को बरामदे में बैठाया जाता है। जगह कम पड़ने की वजह से बरामदे के आगे शेड लगाया हुआ है। एक जगह पर दो से तीन कक्षाओं को बढ़ाना शिक्षकों के लिए आसान नहीं है। यहीं पर दोपहर को बच्चों को मिड-डे मील खिलाया जाता है। गर्मी के सीजन में ये भवन तपता है, वहीं सर्दी में कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ती है। वर्षा के दौरान अंदर कमरे तक पानी भर जाता है। जगह के अभाव में यहां बेंच भी नहीं रखे जा सकते। ये जगह सरकार व शिक्षा विभाग के अधीन नहीं होने की वजह से ग्रांट मिलने भी दिक्कत आती है।
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वर्जन
स्कूल के भवन के लिए पत्र लिखा गया है। विभाग का प्रयास है कि जल्द ही कमरे बनवाए जाएंगे। इसके लिए बजट का इंतजार है। बजट मिलने के बाद बच्चों को बेहतर सुविधा मिलेगी। -सुभाष वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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