कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ती जा रही है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण अब मरीजों को नरवाना के अस्पताल में भेजना पड़ रहा है। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में केवल चार चिकित्सक हैं, जो लगभग 50 मरीजों का उपचार कर सकते है। लेकिन अस्पताल में 92 मरीज दाखिल हैं। उपचार के अभाव में किसी मरीज को हानि न हो इसे देखते हुए मरीजों को नरवाना भेजना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर से प्रतिदिन जिले को डेढ़ टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की मांग की है। फिलहाल जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लेकिन मरीजों के लगातार बढ़ने के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। वहीं बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को छह रेमडेसिवीर इंजेक्शन मिले थे, जो मरीजों को लग चुके हैं।
नागरिक अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण चिकित्सकों पर भी काम का बोझ बढ़ रहा है। हर दूसरे मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत है। प्रतिदिन अकेले नागरिक अस्पताल में 100 सिलिंडर लग जाते हैं। इसलिए सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने पंचकूला स्थित ड्रग कंट्रोल अधिकारी को जिले में प्रतिदिन डेढ़ टन ऑक्सीजन की सप्लाई करने की मांग की है। इतनी ऑक्सीजन में 100 बड़े सिलिंडर तथा 20 छोटे सिलिंडर भरे जा सकते हैं। वहीं दिनोंदिन काफी मरीजों की तबीयत ज्यादा खराब होती जा रही है।
बेड की नहीं, चिकित्सकों की कमी
स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में बेड की कोई कमी नहीं है। लेकिन चिकित्सक नहीं होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल जींद में स्वास्थ्य विभाग ने 120 बेड की व्यवस्था की है। यहां पर 150 तक मरीज दाखिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने गांव कंडेला स्थित गंगापुत्रा आयुर्वेद अस्पताल को भी कोविड अस्पताल के रूप में पैनल पर लिया हुआ है। यहां पर 100 मरीज रखे जा सकते हैं। अगस्त व सितंबर महीने में इस अस्पताल में 50 मरीज रखे गए थे। उस समय इन मरीजों की हालत ठीक थी। लेकिन जो मरीज दाखिल हो रहे हैं, उनकी तबीयत ज्यादा खराब है, जिसकी वजह से इन मरीजों को हर समय चिकित्सकों की निगरानी में रखा जा सकता है। इसके अलावा नरवाना, सफीदों, जुलाना, उचाना में भी 50-50 मरीज रखे जा सकते हैं। लेकिन इन अस्पतालों में वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है। यदि इसी प्रकार से मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो बिना सुविधाओं के मरीजों की हालत बद से बदतर हो जाएगी।
सैंपलों की नहीं हो रही उचाना में जांच, निजी लैब में भेजे
नागरिक अस्पताल उचाना में स्थित आरटीपीसीआर लैब में सैंपलों की पूरी गति के साथ जांच नहीं हो रही है। इस कारण सैंपलों को जांच के लिए अब एक निजी लैब में भेजा गया है। जिले की आरटीपीसीआर लैब में स्टाफ की कमी के कारण अधिक सैंपलों की जांच नहीं हो रही। इसलिए अब सैंपलों को जांच के लिए गुरुग्राम स्थित निजी लैब में जांच के लिए भेजा है।
स्टाफ की कमी के कारण कुछ परेशानी आ रही है लेकिन स्थिति फिलहाल कंट्रोल में है। पूरी मेहनत व निष्ठा से अस्पताल के सभी चिकित्सक लगे हुए हैं।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।