02जेएनडी21 : गेहूं की फसल के पीले पड़ने लगे पौधे। संवाद
जींद। लगातार चौथे दिन भी शीतलहर चलने से फसलों को नुकसान की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा चार दिन से धूप नहीं निकली, इससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। मवेशियों को भी ठंड ने परेशान कर दिया है। गेहूं की फसल में पीले रतुए का प्रकोप बढ़ने लग गया है। मंगलवार इस मौसम में सबसे ठंडा दिन रहा।
जिले में अब ठंड कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार का दिन काफी ठंडा रहा। दिन का अधिकतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया और न्यूनतम तापमान छह डिग्री दर्ज किया गया। आकाश में बादल छाए रहे और चार दिन से धूप नहीं निकली। कड़ाके की ठंड से दिनभर लोगों की कंपकपी छूटती रही। मौसम में आद्रता 67 प्रतिशत तथा हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। फसलों में सफेद रतुआ के अनुकूल होने पर किसानों को कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करने की सलाह दी गई। सात जनवरी तक ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। सूखी ठंड पड़ने तथा बादलों के छाए रहने से धूप नहीं निकल रही, जिसके चलते सरसों में सफेद रतवा के लक्षण तथा गेहूं में भी कुछ पौधों पर पीलापन दिखाई देने लगा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम के देखते हुए कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर उपचार करें। ठंड से सब्जियों की फसल को भी नुकसान होने लगा।
मौसम विभाग के अनुसार सात जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील तथा शुष्क रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 12 से 14 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान चार से छह डिग्री बने रहने की संभावना है। फिलहाल ठंड से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश ने बताया कि मंगलवार को ठंडा दिन रहा है।