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‘पूरे शहर को हटाकर खोदना पड़ेगा, तभी होगा सही तरीके से सीवरेज और सड़कों का समाधान’

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पत्रकारों से बातचीत करते डीसी डॉ. मनोज कुमार। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। पूरे शहर में सीवरेज, बारिश के पानी की निकासी व सड़कों की हालत के लिए पूछे गए सवाल पर डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा किया तो दूसरा शहर बसाया जाए या फिर पूरे शहर को हटाकर खोदना पड़ेगा। डीसी डॉ. मनोज कुमार बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने शहर में कूड़े के उठान के बारे में कहा कि शहर से कूड़ा उठाया नहीं जा रहा बल्कि ढोया जा रहा है, इसमें काफी सुधार की जरूरत है। डीसी ने दावा किया कि जुलाना क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध हैं जबकि हकीकत यह है कि आज भी बराड़ खेड़ा, बुआना, पोली समेत काफी गांवों की एक हजार एकड़ के आसपास फसलें जलमग्न हैं। इस मौके पर नगराधीश अमित कुमार व मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर हिसार जोर अशोक छाबड़ा भी मौजूद रहे।
हर घर तिरंगा अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि जिले के साढ़े तीन लाख मकानों, व्यावसायिक संस्थानों, शिक्षण संस्थानों में 13 से 15 अगस्त तक तिरंगा फहराया जाएगा। अब तक एक लाख 25 हजार तिरंगों का प्रबंध जिला प्रशासन ने कर लिया है। इसके अलावा 50 हजार तिरंगे संस्थाओं द्वारा उपलब्ध करवाए गए हैं। डीसी ने दावा किया कि पिछले दिनों जींद में हुई 144 एमएम बारिश के पानी को कुछ ही समय में शहर से निकाल दिया था। इसके लिए रानी तालाब के पास जैनसेट स्थापित किया गया, जिससे बरसाती पानी निकाला जा रहा है। नई अनाजमंडी के पास भी पंप सेट लगाए गए हैं। शहर में नई सड़क को खोदकर सीवरेज लाइन डालने व विभागाध्यक्षों में आपसी तालमेल नहीं होने के सवाल पर डीसी ने कहा कि कुछ कमियां जरूरी हैं, जिनको दुरुस्त किया जा रहा है। डीसी ने दावा किया कि जुलाना क्षेत्र में पानी की निकासी खेतों से छह से सात घंटे की जा रही है जबकि बराड़ खेड़ा, बुआना, पोली समेत जुलाना क्षेत्र के काफी गांवों में पानी में फसल डूब चुकी हैं और किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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पिछले वर्ष का नहीं बंटा मुआवजा, इस बार भी हालत खराब
प्रशासन की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष खराब हुई खरीफ फसलों के मुआवजे के तौर पर आई 52 करोड़ रुपये की राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है। डीसी ने बताया कि इसमें से 26 करोड़ की राशि किसानों के खातों में डाल दी है। जल्द ही बाकी राशि के लिए कैंप लगाकर किसानों के बैंक खातों की डिटेल ली जाएगी और उन्हें मुआवजा वितरित किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ इस बार भी जुलाना क्षेत्र में लगभग एक हजार से ज्यादा एकड़ में खड़ी फसल खराब हो चुकी है, जिसका किसान मुआवजा मांग रहे हैं।
आर्म्स लाइसेेंस के लिए करें ऑनलाइन आवेदन
डीसी ने कहा कि जिन लोगों को आर्म्स लाइसेंस बनवाने हैं, उनके लिए एक जुलाई से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब कोई भी व्यक्ति सरल केंद्र से आवेदन कर सकता है। फिलहाल प्रशासन के पास 60-70 लोगों के आवेदन भी आए हुए हैं। इनपर संबंधित विभाग अपनी-अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं। अब कोई भी व्यक्ति अपनी फाइल का स्टेटस ऑनलाइन जान सकता है।
नेशनल हाईवे 152-डी की मिली सौगात
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जींद जिले के अंदर से गुजरने वाला नेशनल हाईवे 152-डी शुरू हो चुका है। इससे जिले का विकास होगा। किसी भी जिले के विकास के लिए रोड कनेक्टिविटी जरूरी है। इसके अलावा शहर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। अपने घरों में फहराने के लिए तिरंगां ध्वज भी उपलब्ध करवाएं गए।
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