फोटो 29जेएनडी38-निपुण मिशन के तहत रामलीला मंचन की तैयारियों में लगे बच्चे। स्रोत कर्मचारी
जींद। निपुण मिशन के तहत खंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली टीमों के बीच अब जिला स्तर पर मुकाबला होगा। जिला स्तर पर तीन सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 100 अंकों का मूल्यांकन पैमाना निर्धारित किया है। जिला स्तरीय टीम तय मानकों के आधार पर प्रत्येक टीम की प्रस्तुति का आकलन करेगी।
निपुण मिशन का उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के साथ उनका सर्वांगीण विकास करना है। निपुण रामलीला के माध्यम से बच्चों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया से रोचक तरीके से जोड़ा जा रहा है। इसमें अभिनय और संवाद के जरिये बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
जिला स्तर पर चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए 100 अंकों का पैमाना तय किया गया है। जिला स्तरीय टीम निर्धारित मानकों के अनुसार टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली तीन टीमों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए चुना जाएगा। खंड स्तर पर स्थान प्राप्त करने वाली टीमों के लिए यह जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर है।
अभिनय से बढ़ेगा आत्मविश्वास
निपुण रामलीला केवल सांस्कृतिक गतिविधि नहीं, बल्कि बच्चों के भाषा कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को निखारने का माध्यम भी है। संवाद बोलने, पात्रों को समझने और समूह में प्रस्तुति देने से बच्चों में अभिव्यक्ति और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है। गतिविधियों के माध्यम से सीखने से पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ती है।
वर्जन
निपुण मिशन का लक्ष्य बच्चों को भाषा और गणना की बुनियादी दक्षताओं में सक्षम बनाना है। इसके साथ रचनात्मकता, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व जैसे गुणों का विकास भी जरूरी है। निपुण रामलीला जैसी गतिविधियां इन उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक हैं। जिला स्तर पर चयनित टीमें दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी और विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक, एफएलएन जींद