जुलाना। क्षेत्र के जैजैवंती गांव का स्टेडियम लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। जिस गांव की मिट्टी ने देश को भारत केसरी और हिंद केसरी जैसे प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले पहलवान पुष्पेंद्र मलिक जैसे खिलाड़ी दिए उसी गांव के खेल मैदान की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम में सुविधाओं के नाम पर हालात बेहद खराब हैं। मैदान की जमीन उबड़-खाबड़ हो चुकी है जिससे दौड़, कबड्डी, कुश्ती सहित अन्य खेलों का अभ्यास करना खिलाड़ियों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। कई युवा अभ्यास के दौरान चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीण कुलदीप, तस्वीर गोयत, रामचंद्र और सुनील ने बताया कि स्टेडियम में न तो समतल मैदान है न खिलाड़ियों के बैठने की उचित व्यवस्था। वहीं न ही पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। खिलाड़ियों को मजबूरी में इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच अभ्यास करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, स्टेडियम की समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। आज तक मैदान के सुधार और सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पुष्पेंद्र मलिक ने इसी गांव से निकलकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। यदि स्टेडियम को बेहतर सुविधाओं से विकसित किया जाए तो यहां के युवा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मैदान को समतल करवाया जाए, खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और स्टेडियम की नियमित देखरेख की व्यवस्था की जाए।
कर्मचारियों को मौके पर भेजेंगे : बीडीपीओ
बीडीपीओ जुलाना प्रवीन कुमार ने कहा कि स्टेडियम की समस्याओं की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वहां सुविधाओं का अभाव है तो कर्मचारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाया जाएगा और स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।