जींद। माता वैष्णवी धाम में शनिवार को शनि जयंती पर आयोजित समारोह में आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि सूर्य पुत्र बाबा शनिदेव ब्रह्मांड के सर्वोच्च न्यायाधीश और भगवान शिव के परम भक्त हैं। वे ब्रह्मचर्य की मूरत हैं और जिन पर कृपा करते हैं उनके घर अन्न-धन के भंडारों से भर देते हैं।
आचार्य ने कहा कि बाबा शनिदेव केवल अनिष्ट नहीं करते बल्कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। सत्कर्म करने वालों पर उनकी असीम कृपा बरसती है जबकि गलत कर्म करने वालों को दंड भुगतना पड़ता है। रावण, विक्रमादित्य और राजा हरिश्चंद्र को उनके कोप का सामना करना पड़ा तो महाराजा दशरथ और राजा नल पर उन्होंने खूब कृपा की।
उन्होंने आह्वान किया कि लोग शनिदेव से भयभीत होने के बजाय सच्चे मन से उनकी आराधना करें। इस दौरान भक्तों ने बाबा का महाभिषेक व श्रृंगार कर आशीर्वाद लिया।