संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। सींसर गांव में बिना वैध लाइसेंस दवा दुकान संचालित करने के मामले में ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने दुकान में रखी दवाओं को सील कर दिया। यह कार्रवाई सिविल सर्जन कार्यालय में आई शिकायत के आधार पर की गई। अवैध रूप से दवाओं की बिक्री किए जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
ड्रग इंस्पेक्टर रूबी शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम ने संबंधित दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान का संचालक मौके पर नहीं मिला। नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री को रोकने के उद्देश्य से विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से दुकान को सीज कर दिया ताकि आमजन के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
दुकान संचालक सोनू की ओर से विभाग को एक आवेदन मिला था जिसमें दुकान को खोलने का अनुरोध किया गया था। आवेदन पर कार्रवाई करते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने दोबारा दुकान का निरीक्षण किया और दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच के दौरान यह सामने आया कि दुकान संचालक के पास दवाओं की बिक्री से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस नहीं था और वह नियमों का उल्लंघन करते हुए दुकान का संचालन कर रहा था। नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने दुकान में रखी गई सभी दवाइयों को सील कर दिया है।
साथ ही मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से दवाओं की बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर रूबी शर्मा ने कहा कि बिना लाइसेंस दवाइयों की बिक्री आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। विभाग ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि इस तरह की शिकायत सामने आती है, तो ड्रग्स कंट्रोल विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।