जींद। पटियाला चौक स्थित सावित्री नगर में मकान की छत गिर गई। इसके मलबे में दबने से दिल्ली निवासी 50 वर्षीय एक किरायेदार की मौत हो गई। यह संयोग ही रहा कि घटना के कुछ देर पहले ही उसकी पत्नी कमरे के बाहर आंगन में खाना बनाने चली गई थी। वहीं, बच्चे भी गली में खेलने के लिए निकल गए थे। पीड़ित परिवार दो दिन पहले ही किराये पर कमरा लेकर यहां रह रहा था। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मलबे से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
मृतक के साले संदीप ने बताया कि दिल्ली का मूल निवासी किशोर अपने परिवार के साथ दिल्ली में रह रहा था। लॉकडाउन लगने के बाद वह काम की तलाश में 15 दिन पहले जींद आया था। वह पिछले 13 दिनों से उनके पास ही रहा और फिर सावित्री नगर में दो दिन पहले ही ढाई हजार रुपये में एक कमरा किराये पर लिया था और परिवार के साथ रह रहा था। रविवार शाम को लगभग छह बजे वह मकान में लेटा हुआ था। वहीं उसकी पत्नी कमरे के बाहर आंगन में खाना बना रही थी। उसकी दो बेटियां व एक बेटा बाहर गली में खेल रहे थे। इस दौरान उनके मकान की छत भरभराकर गिर गई और किशोर मलबे में दब गया। घटना की सूचना मिलने पर संदीप तुरंत ही मौके पर पहुंच गया और पुलिस को जानकारी दी। आसपास के लोगों व पुलिस की सहायता से मलबे के अंदर से किशोर के शव को बाहर निकाला गया। शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि मृतक के साले संदीप के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है।
साले ने ई-रिक्शा चलाने का दिया था सुझाव
दिल्ली में काम बंद होने के बाद परेशान किशोर को उसके साले संदीप ने जींद में बुलाया था। साथ ही लॉकडाउन चलने तक ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करने का सुझाव दिया था। इसके चलते वह दिल्ली से 13 दिन पहले ही संदीप के पास आकर रह रहा था। इसके बाद दो दिन पहले ही उसने अपना मकान किराये पर लेकर ई-रिक्शा चलाना शुरू किया था।
पत्नी व बच्चे हादसे से कुछ समय पहले ही निकले थे घर से बाहर
किशोर की पत्नी अपने परिवार के लिए खाना बनाने के लिए कुछ ही समय पहले बाहर निकली थी, जबकि मां के साथ ही उसके बच्चे मकान से बाहर निकलकर गली में खेलने लगे थे। इसी दौरान मकान की छत गिर गई।