फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: हाइड्रोजन प्लांट के गेट का उखाड़ा रैंप, लगेगा ग्रेनाइट

Sat, 07 Feb 2026 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
06जेएनडी39-हाइड्रोजन प्लांट के गेट का उखाड़ा जा रहा रैंप। संवाद
विज्ञापन
जींद। सोनीपत में प्रस्तावित हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। हाइड्रोजन प्लांट के मुख्य गेट पर पहले से लगे रैंप को उखाड़ दिया गया है और अब वहां ग्रेनाइट पत्थर लगाने की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई गति शक्ति टीम के निर्देशों पर शुरू की गई है ताकि प्लांट क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।
विज्ञापन

हाइड्रोजन प्लांट के गेट पर बना पुराना रैंप तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था। वाहनों की आवाजाही और उपकरणों के लोड के कारण रैंप के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती थी। इसी को देखते हुए गति शक्ति टीम ने निरीक्षण के दौरान रैंप हटाकर उसकी जगह मजबूत और टिकाऊ ग्रेनाइट लगाने के आदेश दिए गए थे। ग्रेनाइट लगाने से न केवल गेट की मजबूती बढ़ेगी बल्कि लंबे समय तक रखरखाव की समस्या भी नहीं रहेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हाइड्रोजन प्लांट संवेदनशील है जहां सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्लांट में हाइड्रोजन गैस का उत्पादन और भंडारण होना है। ऐसे में प्रवेश और निकास मार्गों का मजबूत होना जरूरी है। ग्रेनाइट लगाने से फिसलन की समस्या भी कम होगी और आपात स्थिति में वाहनों की आवाजाही सुचारु होगी। इसके साथ ही सोनीपत रेलवे ट्रैक पर झाड़ियों की सफाई भी की जाएगी।
विज्ञापन

ट्रैक के दोनों ओर उगीं झाड़ियां न केवल ट्रेनों की दृश्यता को प्रभावित कर रही हैं बल्कि गर्मी के मौसम में आग लगने का खतरा भी बना रहता है। खासकर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में आग लगाने की घटनाओं के दौरान आग ट्रैक तक पहुंचने की आशंका रहती है जो हाइड्रोजन गैस के लिहाज से खतरनाक हो सकती है।
बॉक्स
फायर फाइटिंग सिस्टम का काम जारी
हाइड्रोजन प्लांट में फायर फाइटिंग सिस्टम का काम जारी है। इसके लिए शकूरबस्ती से डीजल मंगवाया गया है। डीजल डालकर फायर फाइटिंग सिस्टम को चलाकर देखा जाएगा। इसके अलावा कंप्रेशर में आई कमी को दूर करने करने के लिए दूसरे टेक्नीशियन का इंतजार है। वहीं पानी की जांच के लिए तीन टीडीएस मीटर खरीदे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें