रोहतक। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के कुलपति आवास में शुक्रवार को हंगामा व तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार छात्र नेता प्रदीप मोटा व कपिल फौजी को शनिवार दोपहर बाद अदालत से रिहा कर दिया गया। छात्र नेताओं के अधिवक्ता का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों की गई थी, इसे उन्हें बताया ही नहीं गया था। इसी गलती के कारण कोर्ट ने उन्हें छोड़ दिया। वहीं, पुलिस ने जमानत पर छोड़ने का दावा किया है। वहीं, गिरफ्तारी के विरोध में रजिस्ट्रार आवास के बाहर शुक्रवार रात शुरू हुआ धरना चार घंटे बाद ही खत्म हो गया।
तोड़फोड़ के आरोपों को गलत बताते हुए छात्र नेता अब राज्यपाल से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग के लिए मिलेंगे। कहा, न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं, एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह शनिवार को चंडीगढ़ से एमडीयू कैंपस लौट आए हैं। सुरक्षा भी बढ़ाने के दावे किए गए हैं।
पुलिस ने शनिवार दोपहर बाद छात्र नेता प्रदीप मोटा व कपिल फौजी को अदालत में पेश किया। पुलिस ने प्रदीप मोटा का चार दिन का रिमांड भी मांगा। कहा, इनसे गाड़ी की बरामदगी व अन्य आरोपियों के नाम-पता करना है। दूसरे आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की मांग की।
इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों नेे आधे घंटे तक दलीलें दीं। छात्र नेताओं के अधिवक्ता ने दावा किया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को यही नहीं बताया कि उन्हें पकड़ा क्यों है। उनके खिलाफ क्या सबूत हैं।
वकील का दावा है कि ग्राउंड ऑफ अरेस्टिंग के दस्तावेज नहीं दिखा पाने के कारण कोर्ट ने दोनों छात्र नेताओं को रिहा कर दिया है। रिमांड भी इसी कारण नहीं दी गई। वहीं, पीजीआई थाना प्रभारी रोशन लाल का दावा है कि तोड़फोड़ और हंगामे के दोनों आरोपी जमानत पर छोड़े गए हैं।
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वीसी आवास में बनाए जा रहे गमलों की हो जांच : छात्र नेता
दोपहर बाद छूटे शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा व कपिल ने दोहराया कि कुलपति गलत तरीके से सरकारी आवास में गमले बनवाकर बिकवा रहे हैं। मुख्यमंत्री इसकी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करें। आरोप लगाया कि कुलपति आवास में रखे सैकड़ों गमले चार से पांच हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं। इसी का खुलासा करने पर गिरफ्तार किया गया है। कपिल फौजी ने कहा कि टैगोर ऑडिटोरियम में 27 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती मनाने की अनुमति के लिए कुलपति आवास पर गए थे। यह भी नहीं दी गई। इसी चक्कर में शुक्रवार को कुलपति आवास गए थे। वहां कोई तोड़फोड़ नहीं की गई। छात्र नेताओं ने राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व अन्य अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की। कुलसचिव डाॅ. कृष्णकांत को भी शुक्रवार शाम इस बारे में ज्ञापन सौंपा था।
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वर्जन
दोनों छात्र नेताओं को जमानत पर छोड़ा गया है। पुलिस ने अपनी जांच सही ढंग से की है। सभी दस्तावेज भी अदालत में पेश किए हैं।
- गुलाब सिंह, डीएसपी