संवाद न्यूज एजेंसी
पाठ्य पुस्तक मांग मॉड्यूल 12 दिसंबर को सायं पांच बजे से 18 दिसंबर को सायं पांच बजे तक खुला रहेगा।
जींद। विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका तीन से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को दी जाने वाली मुफ्त पाठ्यपुस्तकों की मांग प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा निदेशालय की ओर से राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को अति आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
प्रत्येक वर्ष की तरह आगामी सत्र के लिए भी पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी ताकि समय रहते विद्यार्थियों तक पुस्तकें पहुंच सकें। पाठ्यपुस्तकों की डिमांड भरने के लिए एमआईएस पोर्टल तैयार किया गया है। पाठ्य पुस्तक मांग मॉड्यूल 12 दिसंबर को शाम पांच बजे से 18 दिसंबर को शाम पांच बजे तक खुला रहेगा।
डिमांड भरने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्राचार्य की होगी और उन्हें ओटीपी के माध्यम से डिमांड का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में सत्यापन नहीं किया गया तो संबंधित विद्यालय की डिमांड शून्य मानी जाएगी और विद्यालय प्राचार्य अनुशासनिक कार्रवाई के पात्र होंगे।
दूसरी से पांचवीं तक की मांग प्री-फिल्ड होगी
कक्षा दूसरी से पांचवीं तक की डिमांड पहले से प्री-फिल्ड होगी जो एमआईएस नामांकन के आधार पर अगली कक्षा में दिखाई जाएगी। विद्यालयों को माध्यम हिंदी, अंग्रेजी या दोनों के अनुसार ही डिमांड भरनी होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कक्षा की संख्या से अधिक डिमांड न भरी जाए। यदि एमआईएस नामांकन कम है तो शेष विद्यार्थियों को परिवार पहचान पत्र या आधार के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकृत किया जाना आवश्यक है।
मांग में एक बार संसोधित करने की अनुमति
कक्षा छठी से आठवीं तक के लिए अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों की मांग विशेष सावधानी से भरने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने चेतावनी दी है कि अनिवार्य विषयों की डिमांड में असमानता पाए जाने पर संबंधित विद्यालय जिम्मेदार होगा। डिमांड में केवल एक बार ही संशोधन की अनुमति होगी।
सभी विद्यालयों को पाठ्यपुस्तकों की डिमांड भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार मांग भेजी जा सके। समय पर मांग उपलब्ध होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाई जा सके। सत्यापित मांग को एक्सेल शीट के साथ 22 दिसंबर 2025 तक निदेशालय की ई-मेल पर भेजने के लिए सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्देश भी दिए हैं।
-रितू पंघाल जिला शिक्षा अधिकारी जींद।