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दुराचारी अध्यापक को शरण देने वाला मुख्याध्यापक बर्खास्त

Mon, 01 Dec 2014 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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नरवाना क्षेत्र के एक गांव के स्कूल में लगभग डेढ़ साल पहले एक अध्यापक द्वारा छात्रा से दुराचार के मामले में स्कूल के तत्कालीन मुख्याध्यापक साधुराम को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त हुआ  मुख्याध्यापक फिलहाल महेंद्रगढ़ जिले के गांव खरौली के राजकीय उच्च विद्यालय में कार्यरत था।
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गत 11 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मुख्याध्यापक साधुराम को मामले की जानकारी होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं करने पर एक साल की सजा तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। शिक्षा विभाग ने अदालत के फैसल के अनुसार रविवार को मुख्याध्यापक को बर्खास्त कर दिया।

शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने सेवाएं बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।

क्या था पूरा मामला
जींद के गांव के एक स्कूल की नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने 16 मई 2013 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 20 अप्रैल को स्कूल का अध्यापक राजेंद्र उसको साइंस लैब में बुलाया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। जब उसने विरोध किया तो उस पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी।
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इसके बाद 24 अप्रैल को छात्रा को जबरदस्ती अपनी कार में बैठाकर राजगढ़ ढोबी गांव में बने पोल्ट्री फार्म में ले गया। यहां पर छात्रा के साथ अध्यापक राजेंद्र ने दुराचार किया। इस तरह से मास्टर राजेंद्र छात्रा को डरा-धमकाकर फार्म पर ले जाकर दुराचार करता रहा।

हिम्मत कर छात्रा ने अपने परिजनों को पूरे प्रकरण के बारे में बताया। जानकारी होने पर छात्रा की मां स्कूल में मुख्याध्यापक साधुराम से मिली, लेकिन कई दिन बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

बाद में ग्रामीणों को पूरे मामले की सूचना दी। पुलिस ने उस समय आरोपी अध्यापक राजेंद्र के खिलाफ  डरा धमकाकर दुराचार करने और मुख्याध्यापक साधुराम पर मामले का पता होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने पर मामला दर्ज किया था।

जिसके बाद गत 11 जुलाई को अदालत ने दुराचार के आरोपी अध्यापक राजेंद्र को दस साल की कैद तथा मुख्याध्यापक साधुराम को एक साल की कैद तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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