दिनभर के कयासों के बीच शुक्रवार रात को प्रदेश की सत्ता का फैसला हो ही गया। भाजपा और जेजेपी ने साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया तो जींद जिला, विशेषकर उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए यह बेहद खास रहा। इस फैसले में उचाना कलां से विधायक बने दुष्यंत चौटाला प्रदेश के उपमुख्यमंत्री होंगे। इससे क्षेत्र के लोगों में खुुशी की लहर है। हालांकि उचाना क्षेत्र हमेशा ही सत्ता के साथ रहा है, लेकिन फिर भी उचाना में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बांगर की चौधर का ही रहा है।
शुक्रवार शाम को ही भाजपा व जेजेपी के हाथ मिलाने की चर्चाएं आम हो चली थी। ऐसे में जेजेपी नेताओं व कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ने लगी। देर रात जब इसका फैसला हुआ तो जेजेपी समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांवों में लोगों ने रात को ही घरों से बाहर निकल कर खुशी मनाई और लड्डू बांटे।
बीरेंद्र सिंह 28 साल से बांगर में चौधर लाने का देते रहे नारा
जहां उचाना से आने वाले और प्रदेश के बड़े नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह पिछले 28 साल से बांगर में चौधर लाने का नारा देते रहे वहीं दुष्यंत चौटाला ने पहली ही बार में चौधर लाकर दिखा दी। बीरेंद्र सिंह 1977 से लेकर 2005 तक पांच बार उचाना कलां से विधायक बने। 1991 में उनका सीएम बनना तय माना जा रहा था, लेकिन राजीव गांधी की हत्या के बाद समीकरण बदल गए और बीरेंद्र सिंह ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर हुए। अब ट्रेजडी किंग के क्षेत्र को असली किंग मिल गया है।
दुष्यंत का फैसला सही
दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की जनता के हित में फैसला लिया है। यह फैसला सत्ता भोगने के लिए नहीं, जेजेपी की नीतियों को लागू करवाने के लिए है। उचाना की जनता उनके इस फैसले से खुश है।
जोरा सिंह डूमरखां, जेजेपी किसान सेल, जिलाध्यक्ष
युवाओं के हित में फैसला
दुष्यंत चौटाला ने युवाओं के लिए जिस प्रकार योजना बनाई है, सरकार में शामिल होकर उन योजनाओं को लागू करवाया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। यह फैसला युवाओं के हित में है।
जोगेंद्र सिंह, युवा उचाना विधानसभा क्षेत्र।
प्रदेश की जनता के हित में लिया फैसला
यह फैसला प्रदेश की जनता के हित में लिया गया है। दुष्यंत चौटाला ने जो फैसला लिया है, मैं उसके साथ हूं। जो वादे लोगों को किए थे, उनको पूरा करने के लिए सत्ता में हिस्सेदारी हुई है।
अमरजीत ढांडा, विधायक जुलाना।
सोशल मीडिया पर चलते रहे मैसेज
यह फैसला होते ही सोशल मीडिया पर दुष्यंत चौटाला के समर्थन व विरोध में काफी मैसेज चलने लगे। कुछ लोगों ने लिखा कि भाजपा के खिलाफ वोट लेकर भाजपा के साथ सत्ता ली जा रही है। वहीं कुछ लोगों ने इस फैसले को हजकां की तरह टूटने से बेहतर बताया।