दिल्ली अदालत ग्रुप-डी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने एक सीटर (परीक्षा देने वाले) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर एसटीएफ को सौंप दिया गया है। पुलिस आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी।
28 फरवरी को गांव काकड़ौद के बीच एक मुर्गी फार्म में दिल्ली अदालत के ग्रुप-डी के पेपर लीक का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने इस मामले में चंडीगढ़ स्थित कैग कर्मचारी सुरेंद्र व हरदीप को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। दोनों फोन पर आंसर की पढ़ा रहे थे। मुख्य सरगना के तौर पर गांव काकड़ौद निवासी अशोक का नाम सामने आया था, जो फिलहाल भूमिगत है। बाद में इस मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई । एसटीएफ ने जब मामले की जांच की तो हिसार जिले के गांव ढाणा खुर्द निवासी राजकुमार का नाम सामने आया। राजकुमार 28 फरवरी को दिल्ली अदालत ग्रुप-डी की परीक्षा में दूसरे के स्थान पर बैठकर परीक्षा दी थी। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए राजकुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी। साथ ही इन तथ्यों को जुटाएगी कि परीक्षा में कितनी राशि लेकर बैठता था। उसके साथ अन्य कितने ऐसे लोग थे जो दूसरे की परीक्षा दे रहे थे। एसटीएफ इंचार्ज पवन सिंहमार ने बताया कि आरोपी दूसरे की परीक्षा दे रहा था।