संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मार्केटिंग बोर्ड में बड़े स्तर पर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा ने शनिवार को पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि इन अधिकारियों ने बिना काम किए भुगतान जारी किया, जिससे करीब 10 करोड़ रुपये की राशि तीन अधूरे कार्यों में चली गई।
सूत्रों के अनुसार, लुदाना की मंडी में निर्माण कार्य होना था, लेकिन यह कार्य पूरा किए बिना ही राशि ठेकेदार को भुगतान कर दी गई। इसके अलावा, खटकड़ से बड़ौदा सड़क और धनौरी से सिनद सड़क निर्माण के लिए भी भुगतान कार्य पूरा होने से पहले ही जारी कर दिया गया। इन सभी मामलों में अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलकर गबन करने का आरोप लगाया गया है।
इस गबन प्रयास में एक एक्स-आईएएस अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले इन भुगतानों को पास करवा दिया। मुख्य प्रशासक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।
मंडल और विभागीय स्तर पर इस मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों की सस्पेंशन के बाद विभागीय कार्रवाई सोमवार को होने की संभावना है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वित्तीय अनुशासन और भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है।
इस घटना ने प्रशासन और जनता दोनों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अधिकारियों की भूमिका और कार्यप्रणाली की जांच में यह सामने आया है कि बिना जांच और काम के भुगतान जारी करना वित्तीय अनुशासन के लिए खतरा है।