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Jind News: बढ़ते लावारिस कुत्ते बने खतरा, हर महीने 1500 लोग पहुंच रहे अस्पताल

Mon, 10 Nov 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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09जेएनडी10: शहर की सब्जी मंडी के नजदीक लगे कूड़े के ढेर से गंदगी खाते गोवंश। संवाद
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जींद। सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो आमजन के लिए परेशानी बनी हुई है। कुत्ते के काटने पर रेबीज के टीकाकरण के लिए नागरिक अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंश घूमते रहते है जो हादसों का कारण बन रहे हैं।
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शहर की कॉलोनियों में लावारिस कुत्तों के काटने की ज्यादा घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे लोगों में भय बना रहता है कि कभी कुत्ते काट न ले। वहीं कई बार तो कुत्ते रात के समय लोगों की नींद भी खराब कर देते हैं। नागरिक अस्पताल की बात करे तो हर माह में 1500 से ज्यादा मरीज कुत्तों के काटने के पहुंचकर एंटी-रेबीज का टीकाकरण करवाते हैं।
गली से लेकर सरकारी कार्यालयों में कुत्ते घूमते रहते हैं। गलियों में इनके झुंड के झुंड घूमते नजर आते हैं। अचानक कोई वाहन इनके पास से गुजरते हैं तो उसके पीछे लग जाते हैं और काट लेते हैं।
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कई बार तो वाहन चालक डर के चलते हादसे का शिकार हो जाता है। इस तरफ नगर परिषद कुछ नहीं कर पा रही। ऐसे में अब तक कुत्तों के बधियाकरण का काम शुरू कर दिया गया है।
बधियाकरण में तेजी की जरूरत
शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। कुछ कुत्ते तो झुंड बनाकर पीछे पड़ जाते हैं। पालिका को चाहिए कि जल्द टेंडर लगाकर कुत्तों के बधियाकरण अभियान में तेजी लानी चाहिए ताकि इनकी संख्या बढ़ने से रोका जा सके और लोग घर से बाहर निकलते समय न डरे।
हादसों का भी बन रहे कारण
कस्बे के अलावा गांवों में भी काफी संख्या में लावारिस कुत्ते हैं। कई बार अचानक आक्रामक होकर लोगों को काट लेते हैं। इसके अलावा सामने आने के कारण यह कुत्ते हादसों का भी बड़ा कारण बनते हैं। लावारिस कुत्ते विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अपना निशाना बनाते हैं।
वर्जन
लावारिस कुत्तों को बधियाकरण करने के लिए काम चला हुआ है। जल्द ही शहर के 4000 हजार के लगभग कुत्तों का प्रथम चरण में बधियाकरण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सभी वार्ड में शेल्टर होम भी बनाए जाएंगे। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद, जींद

09जेएनडी10: शहर की सब्जी मंडी के नजदीक लगे कूड़े के ढेर से गंदगी खाते गोवंश। संवाद

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