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Jind News: बदहाली का दंश झेल रहा संग्रहालय, धरोहरों के खराब होने का बना डर

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15जेएनडी13: जयंती देवी मंदिर के संग्रहालय में संयोए गए हजारों वर्ष पुराना रथ। संवाद
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सुशील टुर्ण
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जींद। जयंती देवी मंदिर में वर्ष 2007 में स्थापित किए गए संग्रहालय में सैकड़ों वर्ष पुरानी धरोहर के खराब होने का डर बना हुआ है।
संग्रहालय में राज्य की मोहर लगी डाक टिकट, पोस्ट कार्ड, स्टांप पेपर, सैकड़ों साल पुराने मटके, हजारों साल पुराने बर्तन, जींद स्टेट के महाराजा रणबीर सिंह के फोटो, भारतीय शास्त्रीय संगीत के रागों के आधार पर रखे गए जिले के 41 गांवों के नामों की सूची समेत जिले और आसपास की अनगिनत धरोहरें जयंती पुरातात्विक संग्रहालय में संजो कर रखी हुई हैं।
जयंती देवी मंदिर में स्थित इस संग्रहालय में इतिहास के प्रति जिज्ञासा रखने वाले लोग और स्कूली बच्चे यहां आकर अपना ज्ञानार्जन करते थे, लेकिन आज संग्रहालय में बच्चों के प्रवेश करने पर भी छत टूटकर गिरने का डर रहता है। इसके कारण यह अधिकतर समय बंद ही रखा जा रहा है।
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इस संग्रहालय में प्रवेश करते ही दीवारों पर जींद जिले का पूरा इतिहास लिखा हुआ है। जींद जिले का गठन कब हुआ। जिले में कितने पुरातात्विक स्थल हैं और कितने तीर्थ हैं। इनके नक्शे और फोटो समेत विस्तृत जानकारी लिखी हुई है। 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि में आने में तीर्थ स्थलों के बारे में बताया गया है।
जींद स्टेट के खजांची लाला मदन गोपाल और महारानी के फोटो समेत कई तस्वीरें भी यहां लगी हुई हैं। जींद रियायत के राजा-महाराजाओं द्वारा लड़ाई में प्रयोग किए जाने वाले हथियार तलवार, भाले, सुरक्षा के लिए सिर पर पहनने वाली लोहे की टोपी भी यहां रखी हुई है। हजारों साल पुराने करीब तीन फुट ऊंचे बड़े मटके रखे हैं। यहां रखी हजारों बरस पुरानी मंझोली सबको अपनी तरफ आकर्षित करती है। इसमें दुल्हनें बैठकर आती थीं। हजारों साल पुरानी हाथ से लिखी गीता, महाभारत और अन्य किताबों रखी हुई हैं। संवाद
इतिहासकार गुलशन भारद्वाज ने संग्रहालय को काफी वस्तुएं भेंट कीं
इतिहासकार गुलशन भारद्वाज ने संग्रहालय को काफी वस्तुएं भेंट कर रखी हैं। जींद के लोगों को अपनी प्राचीन संस्कृति और धरोहरों के बारे में जानकारी बढ़े, इसलिए यहां के प्रशासन को काफी चीजें दे दी थीं।

सरकार की अनदेखी से बिगड़ रही हालत
संग्रहालय का उद्घाटन 28 जुलाई 2007 को तत्कालीन राज्यपाल डॉ. एआर किदवई ने किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने इसके रखरखाव की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। बारिश होने पर संग्रहालय की दीवार टपकती रहती थी। इसके कारण इसकी छत पूरी तरह से टूट चुकी है। संग्रहालय की दीवार टिन से बनाई हुई थी। इससे यहां रखा सामान भी खराब हो रहा है। अंदर दीवारों पर लगी प्लाई भी पूरी तरह से उखड़ चुकी है।
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जयंती देवी मंदिर स्थित संग्रहालय का जल्द ही जीर्णोद्धार करवाया जाएगा। इसके लिए फाइल चली हुई है। जब तक इसका सुधार होगा। उस समय तक सामान को यहां से शिफ्ट करवा दिया जाएगा।
प्रवीण वर्मा, इंचार्ज, पुरातत्व विभाग संग्रहालय।

15जेएनडी13: जयंती देवी मंदिर के संग्रहालय में संयोए गए हजारों वर्ष पुराना रथ। संवाद

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