फोटो 12जेएनडी17-हाइड्रोजन ट्रेन, जिसका 17 जुलाई को उद्घाटन होना है। संवाद
जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन के बाद ट्रेन का नियमित संचालन सप्ताह में छह दिन किया जाएगा। हर रविवार को इसे निर्धारित रखरखाव और तकनीकी जांच के लिए दिल्ली स्थित शकूरबस्ती वर्कशॉप भेजा जाएगा।
हाइड्रोजन ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें कुल आठ फ्यूल सेल लगाए गए हैं, जो हाइड्रोजन गैस से बिजली उत्पन्न कर ट्रेन को गति प्रदान करेंगे। ट्रेन में लगभग 440 किलोग्राम कंप्रेस्ड हाइड्रोजन संग्रहित करने की क्षमता है। यही हाइड्रोजन फ्यूल सेल के माध्यम से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होकर मोटरों को संचालित करेगी। इस प्रक्रिया में धुएं या कार्बन उत्सर्जन के बजाय केवल जलवाष्प निकलती है। ट्रेन एक बार हाइड्रोजन भरने पर करीब 350 से 360 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। इससे ईंधन भरने की आवश्यकता बार-बार नहीं पड़ेगी और संचालन भी अधिक प्रभावी रहेगा। नियमित अंतराल पर इसकी तकनीकी जांच और फ्यूल सेल प्रणाली का निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
तकनीक नई , सुरक्षा मानकों का रखा जा रहा विशेष ख्याल
रेलवे ने इस परियोजना के लिए चालक दल, तकनीकी कर्मचारियों और रखरखाव टीम को विशेष प्रशिक्षण भी दिया है। हाइड्रोजन आधारित तकनीक भारत में पहली बार रेल संचालन में उपयोग की जा रही है, इसलिए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। जींद में इस परियोजना की सफलता के बाद भविष्य में देश के अन्य रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा।